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Sitapur News: कटान से एक और घर सरयू में समाया

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रामपुर मथुरा के ग्राम अखरी में कटान करती सरयू नदी। - संवाद - फोटो : SITAPUR
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। बेमौसम कटान से अखरी गांव का एक और मकान सरयू नदी में समा गया। एक सप्ताह में 13 आशियाने कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। बेघर परिवारों ने तटबंध पर शरण ली है। प्रशासनिक अफसर कटान की रोकथाम तो दूर मौके पर पहुंचने की जहमत उठाना भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।
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ब्लॉक रामपुर मथुरा का बड़ा हिस्सा बाढ़ व कटान की चपेट में हर साल आता है। बारिश में बाढ़ आने पर प्रशासनिक अमला पीड़ितों को मदद मुहैया कराता है। अब सरयू नदी की बेकाबू लहरों ने बेमौसम कटान शुरू कर दी है। तटवर्ती अखरी गांव के 12 मकान बीते पांच दिनों में सरयू में समा गए। इसके बाद धीमी गति से जारी कटान की भेंट महेन्द्र का आशियाना भी चढ़ गया।
एक सप्ताह में अखरी के 13 परिवार बेघर हो गए। कटान पीड़ितों ने तटबंध पर शरण ली है। तिरपाल के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं। सर्द मौसम में तिरपाल तानकर रहना इनके लिए आसान नहीं है। कटान पीड़िता तेतरी बताती हैं कि बाढ़ के समय राशन, तिरपाल व अन्य जरूरी सामग्री मिल जाती है, लेकिन इस समय कोई पूछने तक नहीं आ रहा है।
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कटान पीड़ित सदाफर कहते हैं किसी तरह तंबू तानकर गुजर बसर कर रहे हैं, प्रशासन की ओर से एक तिरपाल नहीं दिया गया है। सर्दियों में तंबू के भीतर रहना मुश्किल हो रहा है। जाड़ा बढ़ने पर कैसे गुजर बसर होगी, इसकी चिंता भी सता रही है।
जागकर काट रहे रातें
अखरी गांव में महज नौ मकान बचे हैं। देवराज तिवारी ने बताया कि बाढ़ के समय तो हम सभी सतर्क रहते हैं। बेमौसम शुरू हुई कटान से नींद उड़ गई है। जुगुल ने बताया कि कटान धीमी गति से लगातार जारी है। कटान रोकने के कोई प्रयास प्रशासन नहीं कर रहा है। गांव में अब केवल नौ मकान ही बचे हैं, सभी लोग दहशत में हैं। रातें जागकर कट रही हैं।
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अखरी में कटान की जानकारी मिली है। लेखपाल से सर्वे कराया गया है, रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। कटान पीड़ितों की जरूरी सहायता की जा रही है।
- मिथिलेश त्रिपाठी, एसडीएम महमूदाबाद
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