बिसवां/सीतापुर। खिन्नीपुरवा गांव में एक युवक की मौत से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को जमकर हंगामा किया। गांव के एक युवक पर हत्या का आरोप लगाते हुए बिसवां पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोपी और उसके भाइयों के पांच मकानों को ढहा दिया। घर का सामान भी तोड़ दिया।
हंगामे की सूचना पाकर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। उधर, नाराज ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार होने से पूर्व आधे घंटे तक शारदा सहायक नहर पुल पर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने के बाद ग्रामीण माने।
देर शाम युवक का शव घर पहुंचा, जहां पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। देर शाम इस मामले में मृतक राम अकबाल के भाई खुशीराम की तहरीर पर पुलिस ने हत्या व एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें तीन लोगों पैरू, इकबाल व मेहंदी को नामजद किया गया है। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
खिन्नीपुरवा निवासी राम अकबाल (38) बुधवार से लापता था। इसी बीच उसका शव शुक्रवार को महमूदाबाद क्षेत्र से निकली शारदा सहायक नहर में पड़ा मिला। राम अकबाल की पत्नी गीता ने गांव के ही पैरू पर हत्या का आरोप लगाया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस आरोपियों को बचा रही है। इस पर शनिवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पैरू और उसके भाइयों के पांच मकानों को ढहा दिया। घरों की पक्की व कच्ची दीवार कुदाल, लाठी व बेलचे से ढहा दी गईं।
सूचना पाकर एएसपी उत्तरी प्रकाश कुमार, क्षेत्राधिकारी अभिषेक प्रताप अजेय संग बिसवां, मानपुर, तालगांव, रामपुर कलां, खैराबाद, सिधौली, लहरपुर व महिला थाने की फोर्स पहुंच गई। पुलिस की काफी मान-मनौव्वल के बाद नाराज ग्रामीण शांत हुए।
12 जुलाई को हुई थी कहासुनी
राम अकबाल की पत्नी गीता ने बताया कि उसका पति मिस्त्री था। वह गांव के ही पैरू के यहां काम कर रहा था। वहां सिर्फ औरतें व बच्चे ही रहते थे, इस वजह से उसके पति ने काम करने से मना कर दिया था। अपने बकाया पैसे की मांग की। भुगतान को लेकर पैरू और उसके पति के बीच 12 जुलाई को कहासुनी हुई। मामला मारपीट और जान से मारने की धमकी तक पहुंच गया। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह बवाल शांत हुआ था। इसके बाद बुधवार दोपहर दो बजे वह अचानक लापता हो गए। मृतक के भतीजे गुड्डू ने बताया कि पुलिस कोई मदद नहीं कर रही है। पुलिस आरोपियों के पक्ष में ही खड़ी नजर आ रही है।
एसपी से घटना छुपाते रहे मातहत
बिसवां प्रभारी निरीक्षक ने काफी देर बाद उच्चाधिकारियों को बवाल की सूचना दी। जब पुलिस अधीक्षक घुले सुशील चंद्रभान को मीडिया ने घटना बताई तब जाकर उन्हें पता चला। इसके बाद उन्होंने एएसपी को मौके पर भेजा।परिजनों की तहरीर पर दर्ज हुआ केस
आक्रोश क्यों पनपा, होगी जांच
पुलिस की कार्रवाई पीड़ित के पक्ष में ही चल रही थी। समय से गुमशुदगी दर्ज हुई। पीड़ितों के अनुसार ही कार्रवाई हो रही थी। अचानक आक्रोश क्यों पनप गया, इसकी जांच होगी। वहीं, घटना के बाद पुलिस ने किस तरह से कार्रवाई की, इस बिंदु पर भी जांच होगी। आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विधिवत जांच होगी।
- घुले सुशील चंद्रभान, पुलिस अधीक्षक, सीतापुर