सीतापुर। जिले में शुक्रवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे घबराएं लोग अपने घरों से बाहर निकले आये। किसी के पंखे हिले तो किसी ने खिड़कियां हिलने की बात कही। लेकिन जिस मैसेज की उम्मीद थी। वह एलर्ट मैसेज नहीं आया.... जब सबकुछ सामान्य हुआ तो लोगों के बीच यह चर्चा आम हो गई कि अधिकांश फोन में वह मैसेज क्यों नहीं आया।
जिले में 10 अक्तूबर को अचानक लोगों के पास दिन में मैसेज आने शुरू हो गए थे। अचानक ही लोगों के फोन कंपन करने लगे थे। एक बीप की आवाज सुनकर लोग डर गए थे कि उनका मोबाइल कहीं हैंग तो नहीं हो गया। लेकिन बाद में मैसेज पढ़कर लोगों को संतोष हुआ। जिसमें लिखा था कि यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की ओर से सेल ब्राॅडकास्टिंग सिस्टम से भेजा गया एक नमूना परीक्षण संदेश है। इस सिस्टम का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाना और आपात स्थिति के दौरान समय पर अलर्ट प्रदान करना है। मैसेज के जरिए लोगों को बताया गया था कि अगर कोई आपात स्थिति आती है तो आपको पहले ही संदेश मिल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शहर को मोहल्ला बट्सगंज निवासी जतन सिंह ने बताया कि उनके मोबाइल पर किसी तरह को कोई अलर्ट नहीं आया। उनको तब जानकारी हुई जब घर में रखी चीजें हिलने लगीं। फिर उनका परिवार घर से बाहर निकला। वहीं के निवासी नदीम ने बताया कि पहले तो उनको समझ ही नहीं आया कि अचानक यह क्या हो गया। अचानक वह डर के मारे भागे तो अन्य लोगों के जरिए पता चला कि भूकंप के झटके महसूस किए गए है। लेकिन मोबाइल पर ऐसा कोई अलर्ट नहीं आया। पूरे मोहल्ले में सिर्फ एक युवक के पास ही मैसेज आया था।