डीसीएम चालक ने पी रखी थी शराब, मृतकों के परिवार में कोहराम
काल बने डीसीएम ने एक पल में उजाड़ दी तीन परिवारों की खुशियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सीतापुर। डीसीएम चालक की शराब पीने की लत ने बीते रविवार को तीन परिवारों को जिंदगी भर का दंश दे दिया। काल बनकर आए डीसीएम ने तीन परिवारों की खुशियों को एक पल में उजाड़कर रख दिया । इससे मृतकों के परिवार में कोहराम है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। किसी को भी इसका अंदाजा नहीं था कि एक पल में ही परिवार की खुशियां इस तरह काफूर हो जाएंगी। मरने वालों में दो युवक और एक अधेड़ शामिल है।
शहर कोतवाली क्षेत्र में रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे एक अनियंत्रित डीसीएम ने बस स्टाॅप चौराहे पर ई रिक्शा में टक्कर मार दी थी। हादसे में ई रिक्शा सवार लखनऊ के नौबस्ता पुलिया गायत्री नगर निवासी अफजाल (44), ठीकरपुरवा निवासी आकाश कश्यप (22) और बटसगंज निवासी अभिषेक निषाद की मौत हो गई। वहीं अफजाल की पत्नी अरशी, उसका बेटा बाबर और ई रिक्शा चालक दहेलिया निवासी रामू गंभीर घायल हो गए। इनको इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया गया। इसके साथ ही दहशत में जान बचाने के लिए इधर उधर भागे कुछ और लोग भी इस हादसे में घायल हुए हैं।
पत्नी की हालत भी नाजुक
मृतक अफजाल जमीन की खरीद फरोख्त का कार्य करते थे। वह मोहल्ला कोट अपनी ससुराल जाने के लिए आए थे। बस से उतरने के बाद वह ई रिक्शा में बैठे ही थे कि जानलेवा हादसा हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि टक्कर मारने वाले डीसीएम के चालक ने शराब पी रखी थी। नशे की हालत में ही वह डीसीएम चलाकर अपने गांव जा रहा था। हादसे में जान गंवाने वाले अफजाल की पत्नी अरशी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। उसका एक पैर टूटने के साथ ही शरीर में कई अन्य जगह फ्रेक्टर हुआ है। घायल पुत्र बाबर के सिर में भी टांके लगे हैं। फिलहाल उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।
बिलख कर रोई मां, पति के बाद बेटे ने भी छोड़ा साथ
हादसे के बाद से मृतक अभिषेक की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। उसके चाचा शुभम ने बताया कि काफी साल पहले अभिषेक के पिता राधे की भी सड़क हादसे में ही मौत हुई थी। अभिषेक आइसक्रीम का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। वह अपनी मां के साथ रहता था। मृतक शुभम के तीन भाई हैं।
रात में भी बंद हो भारी वाहनों का प्रयोग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। उनका कहना है कि इस तरह के हादसे रोकने के लिए रात के समय भी शहर के अंदर से भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। अक्सर रात के समय चालक शराब के नशे में होते हैं। इसका खामियाजा अन्य लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि रात में भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश न मिले।