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फौजदापुरवा के बाद अब निशाने पर दुर्गापुरवा

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रेउसा के दुर्गापुरवा गांव में भरा बाढ़ का पानी। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
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रेउसा/सीतापुर। तराई इलाके में उफनाई शारदा व सरयू नदी ने फौजदारपुरवा का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। अब नदियों के निशाने पर दुर्गापुरवा गांव आ गया है। गांव से महज दो सौ मीटर दूर पानी बह रहा है। पानी गांव के नजदीक आने से ग्रामीण पलायन की तैयारी में जुट गए हैं। वे गृहस्थी का सामान बटोरने लगे हैं। कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरा होने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
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बिसवां तहसील के फौजदारपुरवा का स्कूल भवन शुक्रवार को कटान में समा गया था। गांव का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। अब नदी की धारा तेजी से दुर्गापुरवा गांव की ओर बढ़ रही है। शनिवार को गांव से महज 200 मीटर की दूरी पर पानी पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों ने कटान के डर से पलायन की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि पता नहीं कब नदी का जलस्तर बढ़ जाए।
इससे घर का सामान पानी में ही समा जाएगा। इसी वजह से ग्रामीणों ने अपना सामान बटोरना शुरू कर दिया है। अब वह सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन करने की तैयारी में जुट गए है। इसके साथ ही कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। इससे लोगों की मुसीबतें बढ़ती जा रही है। वह न तो सामान खरीदने के लिए बाजार जा पा रहे है, न ही पशुओं के लिए चारे का इंतजाम कर पा रहे है।
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पासिनपुरवा के रामनरेश, रामप्रसाद व मैनेजर ने बताया कि गांव के नजदीक पानी आने से अपना मकान तो तोड़ लिया है। लेकिन रास्तों पर पानी भरा हुआ है। इससे सुरक्षित स्थान तक सामान ले जाने का भी संकट खड़ा हो गया है। ट्रैक्टर-ट्रॉली न होने से बहुत दिक्कतें आ रही है। ऐसे में इन लोगों के रिश्तेदार भी चिंतित है। जाटदहा के कमलाकांत कहते हैं कि पासिनपुरवा में रिश्तेदार रहते हैं। अब वहां तक जाने का कोई संपर्क मार्ग नहीं है। ऐसे में फोन के माध्यम से ही उनका हालचाल ले रहे हैं।
जहां सबसे अधिक दिक्कत, वहां नहीं पहुंचे अफसर
एडीएम विनय पाठक, एएसपी राजीव दीक्षित, एसडीएम अनुपम मिश्रा, अधिशाषी अभियंता सिंचाई विशाल पोरवाल ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। एडीएम ने कम्हरिया व शेखूपुर के हालात देखे। अफसरों को राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। जब इन अफसरों के आने की सूचना ग्रामीणों को लगी तो पासिनपुरवा के सुरेश, नीरज सहित अन्य ग्रामीणों को राहत मिलने की काफी आस लग गई थी।
लेकिन अफसर उन स्थानों पर नहीं पहुंचे, जहां सबसे अधिक दिक्कत थी। ग्रामीणों ने बताया कि फौजदारपुरवा का अस्तित्व समाप्त हो गया है। अब नदी दुर्गापुरवा की तरफ बढ़ रही है। पासिनपुरवा लगातार प्रभावित हो रहा है। लेकिन अफसर इन किसी भी स्थान पर नहीं आए। उनको यह जानना था कि फौजदारपुरवा का अस्तित्व कैसे मिट गया, लेकिन अफसर कुछ जगहों को ही देखकर चले गए तो ग्रामीणों में मायूसी छाई रही।
संपर्क मार्गों से हटा पानी, कुछ राहत
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। महमूदाबाद तहसील के अखरी, बंगालीपुरवा व खुन्नूपुरवा के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया था। इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतें आ रही थी। शनिवार को जलस्तर में कुछ कमी आई। इससे इन गांवों के संपर्क मार्गों से पानी तो हट गया लेकिन कीचड़ होने से दिक्कत आ रही है। वहीं गांवों के अंदर से भी पानी कम हुआ है। इससे लोग कीचड़ से होते हुए आवागमन कर रहे है।
कटान के मुहाने पर बढ़ईनपुरवा
तंबौर। लहरपुर तहसील इलाके में शारदा नदी ने कटान तेज कर दी है। काशीपुर क्षेत्र का बढ़ईनपुरवा नदी के कटान की कगार पर आ गया है। गांव के संपर्क मार्ग से महज तीन मीटर दूरी पर पानी बह रहा है। इससे ग्रामीण खौफजदा हो गए है। ग्रामीणों का कहना है कि काशीपुर से बढ़ईनपुरवा तक नदी के किनारों पर बसे गांवों को कटान से बचाने के लिए 2013 से परियोजनाएं चल रही है।
हर साल करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं। लेकिन परियोजना का कभी काम पूरा नहीं हो पाता है और बाढ़ आ जाती है। जितना भी काम होता है, वह बाढ़ में समा जाता है। इसकी जानकारी होने पर एडीएम विनय पाठक के साथ अफसर गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
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