सीतापुर। खैराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत गद्दीपुर चितहरी की उचित दर विक्रेता रामदेवी पर आठवीं की फर्जी मार्क्सशीट लगाकर कोटा हासिल करने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने लगातार राशन वितरण में घटतौली और धांधली की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। मामले की जांच हुई तो कई आरोप सही मिले।
इसके बाद उचित दर विक्रेता को आरोप पत्र जारी किया गया। जवाब न देने पर बुधवार को जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने कोटा निलंबित कर दिया। जिला पूर्ति अधिकारी ने निलंबन की कार्यवाही करते हुए इस कोटे को सलेमपुर अलीरजा ग्राम पंचायत के उचित दर विक्रेता राजीव दीक्षित की दुकान से संबद्ध कर दिया है।
जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि उचित दर विक्रेता रामदेवी की मनमानी से परेशान होकर ग्रामीणों ने खाद्य व रसद आयुक्त को एक शिकायती पत्र भेजा। उन्होंने डीएम सीतापुर से इस मामले की जांच कराने को कहा। जिलाधिकारी अनुुज सिंह के निर्देश पर क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक सदर ने सात अगस्त को इस मामले की जांच की। इसमें 25 ग्रामीणाें के बयान दर्ज किये। सभी ने घटतौली, वर्षाें से राशन कम देने और फर्जी मार्क्सशीट पर कोटा प्राप्त करने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों के बयान का सत्यापन जुलाई माह की ई पॉस मशीन रिपोर्ट से किया गया। कई राशनकार्ड धारकों के कार्ड निरस्त पाए गए। वहीं, कई ग्रामीणों की शिकायत सही पाई गई। उचित दर विक्रेता रामदेवी द्वारा बाहरी व्यक्ति मेराज नामक व्यक्ति से राशन वितरण कराने की बात सही पाई गई। वहीं, रामदेवी का एक कक्षा 6 उत्तीर्ण टीसी विभाग को प्राप्त हुई। इसके बाद भी लगातार शिकायतें मिलती रहीं। उन्हें 26 सितंबर तक स्पष्टीकरण का समय दिया गया। समयावधि पूरी होने पर कार्रवाई करते हुए रामदेवी का कोटा सस्पेंड कर दिया गया है। यदि इसके बावजूद उचित दर विक्रेता अपना स्पष्टीकरण नहीं उपलब्ध कराएगा तो गंभीर कार्यवाही की जाएगी।
महंत ने कोटेदार के सहयोगी पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप
महंत बजरंग मुनि ने सदर तहसील में इसी उचित दर विक्रेता का कोटा निरस्त करने को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उचित दर विक्रेता रामदेवी के सहयोगी मेराज राशन लेने जाने वाली महिलाओं से छेड़छाड़ करता है। जिला स्तरीय अधिकारी अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। वह कुछ पीड़ितों के साथ छेड़छाड़ का विरोध दर्ज कराने सदर तहसील पहुंचे। वहां अधिकारी उन्हें मनाते रहे। वहीं, दोपहर में ही जिला पूर्ति अधिकारी ने कोटा सस्पेंड कर दिया। उधर, पीड़ित लखनऊ कूच करने लगे तो स्थानीय प्रशासन ने मान मनौव्वल करके उन्हें बहुगुणा चौराहे के पास मनाकर लखनऊ जाने से रोका।