आतिशबाजी का दौर देर रात तक चलता रहा। जिले भर में करीब तीन करोड़ की आतिशबाजी छुड़ाई गई। शहर के पटाखा बाजार में 73 दुकानें लगीं थीं। पटाखा कारोबारियों के मुताबिक प्रत्येक दुकान पर औसतन एक लाख रुपये का माल था। शाम तक इन दुकानों से लगभग 95 फीसदी पटाखे बिक चुके थे। इसके अलावा खैराबाद में भी 50 पटाखा की दुकानें लगीं। जिले की अन्य छह तहसीलों व दर्जनों कस्बों में भी जमकर खरीददारी हुई। बाहर से अपने घर दिवाली पर आने वाले लोग पटाखे साथ लेकर आए थे। व्यापारियों के मुताबिक जिले में तीन करोड़ रुपये की आतिशबाजी बिकी।