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अब बीस रुपये में मिलेंगे प्रमाण पत्र

Wed, 03 Apr 2013 05:30 AM IST
Sitapur
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सीतापुर। देर से ही सही लेकिन विभाग दुरुस्त आया। अब जनता को ई-डिस्ट्रिक्ट और एसएसडीजी की सेवाएं नए रेट पर मिलेंगी। खतौनी को छोड़कर अब प्रत्येक सेवा के एवज में उनसे बीस रुपये लिए जाएंगे जबकि खतौनी के तीस रुपये देने होंगे। शासन स्तर से तय नई दरें बुधवार से प्रभावी होंगी। हालांकि ये नई दरें पहली अप्रैल से लागू होनी थीं। मंगलवार को डीएम ने नई दरों के लागू करने का आदेश भी भेज दिया है। इसके जरिए उन्होंने सभी केंद्र संचालकों को शासन से तय शुल्क वसूलने की नसीहत दी है। साथ ही चेताया कि अगर कहीं अधिक शुल्क वसूलने की शिकायत मिली, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकारी योजनाओं को हाईटेक बनाने के लिए शासन ने ई-डिस्ट्रिक्ट योजना लागू की थी। सीतापुर सहित छह जिलों में इस योजना के माध्यम से न सिर्फ छह सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाकर ऑनलाइन बनाया बल्कि इसके जरिए संचालित जनसुविधा केंद्रों पर आवेदकों के आवेदन स्वीकार किए जाते हैं। इसके एवज में बाकायदा शुल्क लेकर उन्हें तय समयावधि में प्रमाण पत्र इश्यू होते हैं। इसी तर्ज पर प्रदेश सरकार ने स्टेट सर्विस डिलीवरी गेटवे (एसएसडीजी) सेवा शुरू की लेकिन ई-डिस्ट्रिक्ट और एसएसडीजी सेवा शुल्क में अंतर था। ई-डिस्ट्रिक्ट में 25 रुपये और एसएसडीजी में दस रुपये सेवा शुल्क तय है। दोनों की सेवा शुल्क में एकरूपता लाने को सेवा शुल्क में संशोधन किया गया है। एसएसडीजी की सेवाओं का शुल्क पहले ही दस रुपये से बढ़ाकर बीस रुपये कर दिया था। इसी प्रकार्र ई-डिस्ट्रिक्ट में भी पांच रुपये सेवा शुल्क घटाकर इसकी सेवाएं सस्ती कर दी हैं। ऐसे में ई-डिस्ट्रिक्ट की प्रत्येक सेवा के बीस रुपये लिए जाएंगे जबकि खतौनी के तीस रुपये तय हुए हैं। नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होनी थीं लेकिन सोमवार को दोनों सेवाओं की नई दरें प्रभावी नहीं हो पाईं। ऐसे में फर्स्ट अप्रैल को आवेदन ‘अप्रैल फूल’ बन गए। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम पंकज कुमार ने ई-डिस्ट्रिक्ट व एसएसडीजी दोनों सेवाओं के नए रेट प्रभावी करने का आदेश निर्गत कर दिया है। नई दरें तीन अप्रैल से शहरी-ग्रामीण दोनों लोकवाणी, जन सुविधा केंद्र, सहज जनसेवा केंद्र व श्रेई सभी केंद्रों पर एक साथ प्रभावी होंगी। आदेश के जरिए उन्होंने सभी केेंद्र संचालकों को शासन स्तर से तय शुल्क चार्जेज लेने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी भी दी कि अगर किसी केंद्र संचालक की अतिरिक्त शुल्क वसूलने की शिकायत आई तो सख्त कार्रवाई होगी।
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