सीतापुर। जिले की बड़ी आबादी वाली 54 ग्राम पंचायतों को पंचायत राज विभाग की ओर से प्रथम चरण में ठोस, दृव्य व अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्ल्यूएम) के तहत चयनित किया गया है। इन गांवों को स्वच्छता के मानकों से पूर्ण करते हुए ओडीएफ प्लस किया जाना है। इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर नाली, व्यक्तिगत और सामुदायिक सोक पिट सहित अन्य कार्य कराए जाएंगे।
एलिया ब्लाक की ग्राम पंचायत कचनार और हेमपुर सहित जिले के अन्य ब्लॉकों से 54 ग्राम पंचायतों को चयन किया गया है। जिन ग्राम पंचायतों की जनसंख्या पांच हजार से अधिक है, उनका ही चयन एसएलडब्ल्यूएम के तहत किया गया है। यहां स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत कार्य कराए जाएंगे।
सभी प्रकार का कूड़ा एक जगह एकत्र करने के बाद उसका निस्तारण किया जाएगा। नालियां के ऊपर से गंदा पानी न बहने पाए। इसके लिए उसमें फिल्टर चैंबर बनाएं जाएंगे। जिससे उनमें कूड़ा इकट्ठा हो और गंदा पानी बह जाए। कूड़े को निकाल कर एक जगह इकट्ठा किया जाएगा। जिससे गांव साफ, सुथरा रहे। गंदगी जनित बीमारियां न होने पाएं।
संबंधित गांवों में नाली, व्यक्तिगत और सामुदायिक सोक पिट, नाडेप कंपोस्ट पिट, आरआरसी केंद्र, फिल्टर चैंबर आदि कार्यों का व्यापक स्तर पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। कुछ ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू कराया गया है।
इसके लिए धनराशि उपलब्ध कराई गई है। डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि एसएलडब्ल्यूएम योजना के तहत पहले चरण में 54 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन्हें ओडीएफ प्लस किया जाएगा। इस संबंध में सभी एडीओ पंचायत को निर्देश दिए गए है।
चयनित ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले सभी कार्यों का निरीक्षण नामित तकनीकी और प्रशासनिक अफसरों की ओर से किया जाएगा। इनकी ओर से कार्य संतोषजनक होने की स्थिति में सहायक विकास अधिकारी पंचायत और खंड विकास अधिकारी का संस्तुति पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसी के आधार पर ही संबंधित सचिव और प्रधान की ओर से भुगतान किया जाएगा। बिना संस्तुति पत्र के आधार पर किया गया भुगतान वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आएगा।