सीतापुर। किशोरावस्था में शारीरिक व मानसिक बदलाव तेजी से होते हैं। इस उम्र में किशोर और किशोरियां यौन, मानसिक व व्यावहारिक रूप से परिपक्व होने लगते हैं। ऐसे में उनके सामने ऐसे तमाम अनसुलझे सवाल शंकाएं और जिज्ञासाएं होती हैं। इन जिज्ञासाओं को जिले के 21 साथिया केंद्रों के माध्यम से दूर किया जा रहा है। इस तरफ अब युवाओं का रुझान बढ़ा है। पिछले एक साल में 50,840 किशोर-किशोरियों ने पहुंचकर अपनी जिज्ञासाएं शांत की हैं।
जिला अस्पताल से लेकर ब्लॉक स्तरीय सीएचसी पर राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के तहत साथिया केंद्र की स्थापना की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मधु गैरोला बताती हैं कि केंद्रों पर प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा किशोर-किशोरियों की शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान तो किया ही जा रहा है।
साथ ही उन्हें पोषण यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य मानसिक स्वास्थ्य चोट और हिंसा को रोकने और मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। जिला समन्वयक शिवाकांत बताते हैं कि जिले के 21 साथिया केंद्रों पर बीते एक साल में 50,840 किशोर-किशोरियों ने अपनी समस्याओं शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान पाया है। एक साल में 7132 किशोरियों ने माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की जानकारी ली।