सीतापुर। राम नाम का जप करने व लिखने से ही कष्ट दूर हो जाते हैं। इसको चरितार्थ करने के लिए श्रद्धालुओं ने सात करोड़ बार राम नाम लिखा है। करीब एक साल के अंदर 500 कॉपियों में यह लिखकर एक रिकाॅर्ड बनाया है। ये पुस्तिकाएं अब रामनाम बैंक अयोध्या में रखी जाएंगी। रविवार को इन पुस्तिकाओं को साधु-संत लेकर अयोध्या के लिए रवाना होंगे। इन पुस्तिकाओं का पूजन-अर्चन शुरू हो गया है।
श्री मोहनदास गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय गोपालघाट के देखरेख में रामनाम लिखने का करीब एक साल पहले अभियान शुरू हुआ था। अयोध्या के रामनाम बैंक से पुस्तिकाएं मंगवाई गईं थीं। उसके बाद महाविद्यालय ने अपने स्तर से प्रचार शुरू किया। भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाले तमाम लोग जुड़ते ही चले गए।
इन पुस्तिकाओं में राम सीताराम व रामनाम लिखा गया है। ये पुस्तिकाएं सीतापुर, लहरपुर, बिसवां, मिश्रिख, महोली, सिधौली सहित अन्य तहसीलों में श्रद्धालुओं ने लिखी हैं। अब सात करोड़ का लक्ष्य पूरा हो जाने के बाद इन्हें अयोध्या के रामनाम बैंक में जमा करा दिया जाएगा। महाविद्यालय के प्रबंधक भुवनेश दास महाराज के सानिध्य में यह पूरा अभियान चला है। अयोध्या के लिए 25-30 साधु संत रविवार अयोध्या के लिए रवाना होंगे। इससे पहले शनिवार को महाविद्यालय में सुंदरकांड पाठ हुआ।
राम लिखने से पत्थर भी तैरने लगते
प्रधानाचार्य वैशम्पायन शास्त्री बताते हैं कि केवल राम का नाम लिखने से पत्थर भी तैरने लगते हैं। यह भगवान के नाम की असीम शक्ति व महिमा है। ऐसे करने से लोगों को सद् बुद्धि मिलती है। उनके कष्ट दूर हो जाते हैं। संसार का जनकल्याण होता है। इसी उद्देश्य से यह अभियान जिले में चलाया गया था।
श्रद्धालुओं को दिया था कॉपी व पेन
यह पूरी कवायद एक साल से जिले में चल रही थी। महाविद्यालय की तरफ से प्रत्येक श्रद्धालु को एक कॉपी व एक पेन उपलब्ध कराया गया था। जब कॉपी व पेन कम पडऩे लगे तो अब महाविद्यालय ने खुद ही अपनी कॉपी छपवा ली है।