रामपुर मथुरा/सीतापुर। सरयू नदी का जलस्तर गुरुवार को 10 सेमी. घटकर 118.50 मीटर पर पहुंच गया। पानी घटने से नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि शंकरपुरवा, अंगरौरा, अखरी व बाबाकुटी गांवों के लोग जलस्तर कम होने पर अब कटान तेज होने को लेकर भयभीत है। उधर, बैराजों से छोड़े गए 3,57,920 क्यूसेक पानी ने तराई क्षेत्र के बाशिंदों की चिंता बढ़ा दी है।
सरयू के पानी में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले दो दिनों से सरयू के जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। पानी अब खतरे के निशान से 50 सेमी. नीचे बह रहा है। इससे तराई क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि ग्रामीण अब कटान तेज होने को लेकर आशंकित हैं।
ग्रामीण अशोक तथा छोटे ने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद कटान कुछ तेज हुई है। शंकरपुरवा गांव के पास गुरुवार को कृषि योग्य भूमि का नदी की धारा कटान कर रही है। वहीं, गुरुवार को घाघरा बैराज से 1,46,169 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,42,466 क्यूसेक और बनबसा बैराज से 69,294 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। ग्रामीणों का कहना है, कि यह पानी जिले में पहुंचने पर नदियों का जलस्तर फिर बढ़ सकता है। गांजर वासियों का मानना है कि फिलहाल राहत जरूर मिली है पर बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
बाढ़ का खतरा अब नहीं
सरयू का जलस्तर कम होने से बाढ़ का खतरा अब नहीं है। कटान भी लगभग बंद है। बंगालीपुरवा घाट पर पुल बनवाए जाने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इसे सोमवार को जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेज दिया जाएगा।
- शिखा शुक्ला, एसडीएम महमूदाबाद