फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

30 करोड़ खर्च, नहीं सुधरी एमडीएम गुणवत्ता

Wed, 09 Mar 2016 11:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सीतापुर
विज्ञापन
गंदगी के बीच दिया जा रहा एमडीएम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, सीतापुर
विज्ञापन
जिले के अधिकांश स्कूलों में गुणवत्ताहीन भोजन परोसा जा रहा है। रसोईघरों के आसपास गंदगी की भरमार रहती है। भोजन बनाने में बेहद निम्न क्वालिटी के मसाले प्रयोग किए जाते हैं।
विज्ञापन


तहरी की हालत यह है कि केवल उसके  चावल को पीला किया जा रहा है। न तो चावल की गुणवत्ता ठीक है, न ही उसमें कुछ मिलाया जा रहा है। वहीं दूध का वितरण अधिकांश स्कूलों में नहीं हो रहा है।

जिले में मध्याह्न भोजन योजना पर प्रतिवर्ष करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस बजट में केवल कन्वर्जन कास्ट ही शामिल है। जबकि खाद्यान्न अलग से मिलता है। इतनी भारी भरकम रकम खर्च होने के बावजूद भोजन में गुणवत्ता नहीं आ रही है।
विज्ञापन


शिक्षक सिर्फ काम चलाऊ तरीके से भोजन बनवा रहे हैं। वह न तो गुणवत्ता का ख्याल रख रहे हैं, न ही रसोई घर की साफ-सफाई का। इसका खुलासा स्कूलों के औचक मुआयने व भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में हुआ है। ऐसे में सरकार की मंशा पर शिक्षक पानी फेर रहे हैं। जिस उद्देश्य के लिए यह योजना शुरू की गई थी, वह दम तोड़ती हुई नजर आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें