बिसवां (सीतापुर)। कोतवाली क्षेत्र में युवक की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की मानें तो उपद्रव करने और घरों को तोड़ने के लिए अराजक तत्वों ने ग्रामीणों को उकसाया था। इसके चलते ही मामले में इतना बड़ा रूप ले लिया। वहीं लापरवाही बरतने के चलते दो दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उधर, देर शाम आईजी तरुण गाबा ने गांव का किया।
ग्राम खिन्नीपुरवा निवासी राम अकबाल (38) का शव महमूदाबाद क्षेत्र के शारदा सहायक नहर में पड़ा मिला था। इसके बाद शनिवार को ग्रामीणों ने बड़े चौराहे व पुरैनी पुल पर जाम लगाकर हंगामा किया था। देर रात उपद्रवियों ने आरोपियों के पांच घरों को ढहा दिया था। पुलिस ने रविवार को उपनिरीक्षकों की तहरीर पर नामजद व अज्ञात समेत 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। रविवार को गांव पूरी तरह से छावनी में तब्दील दिखाई पड़ा। पूरे गांव में पुलिसकर्मी गश्त करते हुए दिखाई दिए। कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए एहतियातन बिसवां, रेउसा, तालगांव, सकरन, तंबौर थानों की फोर्स तैनात रही।
इंस्पेक्टर अनिल सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने घरों को तोड़ा और प्रदर्शन किया, उनकी तलाश की जा रही है। कस्बा इंचार्ज कृष्ण कुमार की तहरीर पर 11 नामजद व अज्ञात वहीं उपनिरीक्षक नयन सिंह की तहरीर पर 15 नामजद व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होना सामने आया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को किया था गुमराह
सूत्रों की मानें तो घर टूटने की जानकारी मिलते ही दरोगा नयन सिंह मौके पर पहुंचे थे। लेकिन उन्होंने इंस्पेक्टर अनिल सिंह को सिर्फ यह जानकारी दी कि सिर्फ दरवाजे तोड़े गए हैं। इंस्पेक्टर का स्वास्थ ठीक न होने के कारण वह मौके पर नहीं पहुंच सके। इंस्पेक्टर को जब अन्य जरिए से जानकारी हुई तब वह मौके पर पहुंचे। वहीं सिपाही और पीआरडी जवान ने वहां मुस्तैदी से ड्यूटी नहीं की। वह पहले ही ड्यूटी छोड़कर चले आए। घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि दरोगा नयन सिंह व फतेह बहादुर और सिपाही राहुल कात्याल को निलंबित किया गया है। एक पीआरडी जवान के खिलाफ कार्रवाई की गई है।