सीतापुर। जिले में 18 आयु वर्ग से अधिक के लोगों को बूस्टर डोज लगाने में स्वास्थ्य विभाग को पसीना छूट रहा है। करीब दो माह अभियान के बाद महज 15 फीसदी यानी 3.78 लाख लोगों ने ही वैक्सीन लगवाई है। जबकि लक्ष्य अभी कोसों दूर है।
कोरोना की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को बूस्टर डोज लगवाई जानी है। पहले केंद्र सरकार ने 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को अपने जेब से डोज लगवाने का निर्देश दिया था। इसके लिए करीब 250 रुपये की कीमत तय कर दी गई थी। बाद में सरकार ने इसे निशुल्क लगवाने की कवायद शुरू की।
करीब दो माह से चल रहे अभियान के तहत लोग निशुल्क भी नहीं लगवा रहे हैं। जिले में 25.40 लाख लोगों को बूस्टर डोज लगाने का टारगेट तय किया गया है। जिसमें अब तक महज 3.78 लाख लोगों ने इस डोज को लगवाया है। यह लक्ष्य से महज 15 फीसदी ही है। जबकि इसके लिए कई बार स्वास्थ्य विभाग की तरफ से महाअभियान चलाया जा चुका है।
शहर के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित सभी 19 सीएचसी व 66 उपकेंद्रों पर डोज लगाई जा रही है। फिर भी लोग डोज लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे है। इससे स्वास्थ्य विभाग भी हैरान है।
चलाए जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम
बूस्टर डोज लगवाने में लोग आगे नहीं आ रहे हैं। विभाग अब जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। शहर से लेकर सभी सीएचसी पीएचसी में इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। चिकित्सक लोग इस डोज को लगवाने के फायदे गिनाएंगे। जिससे जिले में डोज का प्रतिशत आगे बढ़ सके।
वैक्सीन सभी के लिए जरूरी
बूस्टर डोज लगवाने में जिलेवासी आगे आए। दूसरी डोज लगने के तीन माह बाद यह डोज लगवाई जा सकती है। सभी केंद्रों पर डोज रोजाना लग रही है। जिन लोगों ने अभी तक यह डोज नहीं लगवाई है वह तत्काल लगवा लें।
- डॉ. पीके सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी