मास्टरबाग/सीतापुर। भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से करीब 200 गांवों की तीन लाख आबादी त्रस्त है। पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से पंखे व कूलर नहीं चल पाते हैं जिससे भीषण गर्मी से ग्रामीणों का बुरा हाल है। समरसेबल पानी नहीं उठाता है, इससे किसान अपनी फसलें नहीं सींच पा रहे हैं।
कंदुनी पावर हाउस से शाहपुर, गरौली, हसनापुर, पेड़र, पलिया, नेवादा, दहैया, दहावा, शिवथाना, सिंहपुर, सरैया, छावन, धौकलगंज, भीरा, कमुआ, गेरुआ, कैमा सर्वा, जलालपुर समेत करीब 200 गांवों को आपूर्ति की जाती है। गर्मी बढ़ने के चलते बिजली कटौती व लो वोल्टेज की समस्या भी बढ़ गई।
बिजली आने पर भी वोल्टेज इतना कम रहता है, कि पंखे व कूलर चल ही नहीं पाते हैं। इन गांवों की लगभग तीन लाख आबादी बिजली की किल्लत से जूझने को विवश है। आलम यह है, कि गर्मी से राहत पाने को लोग हाथ के पंखे का सहारा ले रहे हैं।
लो-वोल्टेज के चलते निजी समरसेबल व राजकीय नलकूप पानी नहीं उठा पा रहे हैं। सिंचाई के अभाव में भीषण गर्मी के चलते गन्ने की फसल और धान की नर्सरी सूख रही है। ग्रामीण गुन्नू, गजराज, चिंटू, रामकुमार, अभय, दीपू, राजकुमार, छोटू, विनय, अनुपम, अशोक रावत आदि ने बिजली की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
आए दिन टूटते जर्जर तार
शाहपुर निवासी लवकुश ने बताया कि गांव के अंदर व बाहर बिजली के तार पिछले 10 वर्षों से जर्जर हो चुके हैं। जर्जर तार कई जगह पेड़ों पर टंगे हुए हैं। कहीं लाइन पर पेड़ की डालें छू रही हैं। जरा सी हवा चलने पर तार टूटने से आपूर्ति ठप हो जाती है। बिजली आने पर भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। गन्ने की फसल धान की नर्सरी सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
पंखा और कूलर बने शो-पीस
शिवथाना गांव में रहने वाले शुभम चतुर्वेदी बताते हैं कि हमारे पास दो निजी समरसेबल हैं। लो-वोल्टेज के कारण सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। घर में पंखा व कूलर नहीं चलने की दशा में दिन रात पसीना बहाना मजबूरी है। कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का निदान नहीं निकल पा रहा है।
बदले जा रहे तार, जल्द दूर होगी समस्या
रिवैंप योजना के अंतर्गत जर्जर लाइनें बदलवाई जा रही है। जल्द ही ट्रिपिंग व लो-वोल्टेज की समस्या दूर करा दी जाएगी।
डीके गुप्ता, अधिशासी अभियंता विद्युत