सीतापुर। सरयू का जलस्तर बुधवार को 118.40 मीटर दर्ज किया गया। मंगलवार की तुलना में पानी 10 सेमी. कम हुआ है। लगातार जलस्तर घटने से गांजर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के हालात सामान्य हो रहे हैं। कटान भी धीमी हो गई है। हालांकि रेउसा इलाके में पिछले 24 घंटे के दरम्यान 20 बीघा खेत कटकर सरयू में समा गए हैं। वहीं, घरों से पानी निकलने के बाद बाढ़ पीड़ित अब वापस लौटने लगे हैं। बहरहाल, अब इनके सामने अपना आशियाना फिर से बनाने की चुनौती है।
रेउसा प्रतिनिधि के अनुसार सरयू के जलस्तर में लगातार कमी आ रही है। इससे घरों व रास्तों पर भरा पानी कम हो गया है। गौढ़ी के पास कटान फिलहाल थम गया है। सिंचाई विभाग की ओर से कटान रोधी कार्य भी बंद कर दिया गया है। बुधवार को सरयू की लहरें मरेली के पास कटान कर रही हैं।
नरेन्द्र, महेन्द्र व उदयराज यादव आदि की लगभग 20 बीघा कृषि योग्य जमीन कटकर नदी में समा गई है। वहीं, रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ की विभीषिका से परेशान होकर कई ग्रामीण पलायन कर अपने रिश्तेदारों व परिचितों के यहां चले गए थे। पानी कम होने से अब लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। अंगरौरा गांव में बुधवार को शत्रोहन अपने घर में भरे कीचड़ को साफ कर रहे थे। इसी तरह मुन्नी लाल भी अपने टूट चुके घर की सफाई करने में जुटे थे।
उन्होंने बताया कि अब शायद बाढ़ न आए, इसी उम्मीद के साथ घर की मरम्मत कर रहे हैं। कुछ दूरी पर घर के पास बैठे सुनील ने बताया कि समसे बड़ी समस्या घर बनाने के लिए फूस व पतावर की है। बाढ़ से घर बनाने के लिए जरूरी सामान सड़ चुका है। खरीदने पर बहुत मंहगा पड़ रहा है। इतना पैसा नहीं है, कि टिन शेड डलवा सकें। उन्होंने बताया कि बाढ़ की चपेट में आने से रास्ते भी बेहद खराब हो चुके हैं। किसी साधन से सामग्री लाना भी मुश्किल है।