सीतापुर। पीएम विश्वकर्म योजना के तहत जिले के 1800 पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को लाभान्वित किया जाएगा। लाभार्थी चयन के बाद तीन स्तर से सत्यापन होगा। इसके बाद उन्हें डिजिटल आईकार्ड उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण देकर बैंक से सस्ता कर्ज दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण करना है।
विश्वकर्मा योजना की शुरुआत 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती पर की जाएगी। इसके लिए पात्र कारीगर ऑनलाइन पोर्टल पर जनसुविधा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों का पंजीकरण पंचायतीराज विभाग और शहरी लाभार्थियों का पंजीकरण नगर विकास विभाग के माध्यम से कराया जाना है। पहले चरण में जिले के 1800 लाभार्थी चयनित किए जाएंगे।
योजना के लिए पात्रता
हाथों और औजारों से काम करने वाले स्वरोजगार के आधार पर कारीगर पंजीकरण के लिए पात्र होंगे। लाभार्थी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। पंजीकरण की तिथि पर संबंधित व्यवसाय में संलिप्त होना चाहिए। केंद्र या राज्य सरकार की समान क्रेडिट योजना में कर्ज नहीं लिया हो। बीते पांच साल के ऐसे लाभार्थी जिन्होंने मुद्रा लोन, पीएमईजीपी व पीएम स्वनिधि कर्ज लिया और उसे चुका दिया हो।
सस्ती ब्याज दर पर मिलेगा कर्ज
योजना के तहत कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। टूलकिट का लाभ मिलेगा। डिजिटल लेनदेन के लिए इंसेंटिव और मार्केटिंग सपोर्ट दिया जाएगा। एक लाख तक कर्ज दिया जाएगा, जिसपर पांच फीसदी ब्याज लिया जाएगा। अभी बैंक में आठ फीसदी ब्याज देना होता है। कर्ज की धनराशि 18 महीने में लौटाना होगा। यदि आवेदक समय से पैसा वापस कर देगा तो उसे मांगने पर दो लाख का कर्ज दिया जाएगा। इसे 30 महीने में वापस करना होगा।
पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित कारीगरों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना जरूरी है। वह निकट के जनसुविधा केंद्र पर अपना पंजीकरण करा दें। पहले चरण में 1800 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का शुभारंभ 17 सितंबर को किया जाएगा।
- आशीष गुप्ता, उपायुक्त उद्योग