डाटा फीडिंग में बैंक अफसरों के छूट रहे पसीने
25 फीसदी डाटा हो सका फीडिंग
कर्जमाफी में रोड़ा अटकाए नेटवर्क
देर रात तक चल रही फीडिंग काम
सीतापुर। अन्नदाताओं की कर्जमाफी में नेटवर्क इन दिनों रोड़ा बना है। दरअसल, योगी सरकार ने किसानों का एक लाख रुपये सीमा तक कर्ज माफ करने का एलान किया है। यह लाभ उन्हें 15 अगस्त से मिलना है। इसके लिए शासन ने 21 जुलाई तक बैंकों से किसानों का डाटा फीड कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। पर इस कार्य को पूरा करने में बैंक अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। हालत यह है कि बैंकों में पूरी पूरी रात डाटा फीडिंग का काम चल रहा है मगर इस कार्य को रफ्तार नहीं मिल पा रही है। पर महज 25 प्रतिशत डाटा अपलोड हो पाया है। जबकि 75 फीसदी कार्य बाकी है। बता दें कि जिले में विभिन्न बैंकों की करीब 325 छोटी व बड़ी शाखाएं मौजूद हैं। इन्हीं बैंकों की विभिन्न शाखाओं से 192535 के करीब ऐसे किसानों ने कर्ज लिया है, जो कर्जमाफी के दायरे में आ रहे हैं। हालांकि बैंक अधिकारी इस आंकड़ेे को पुख्ता नहीं मान रहे हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि यह आंक ड़ा घट भी सकता है और बढ़ भी सकता है। क्योंकि किसानों की जमीन का आंकलन करके बाद ही कर्जमाफी का लाभ दिया जाना है। हालत ये है कि जमीन संबंधी डाटा फीड करने में ही अधिकारियों को पसीने छूट रहे हैं। सबसे बड़ी दिक्कत तो इस जिले में इंटरनेट नेटवर्क की आ रही है। ग्रामीण क्षेत्र के बैंक मैनेजरों ने तो शाखा जाना ही छोड़ दिया है। वे जिला मुख्यालय पर आकर डाटा फीड कर रहे हैं। इसके बावजूद भी दिक्कतें आ रही हैं। हालत ये है कि इलाहाबाद बैंक के प्रधान कार्यालय पर दिन में तो डाटा फीडिंग का काम चल ही रहा है, वहीं पूरी पूरी रात डाटा फीड किया जा रहा है। बैंक के अधिकारियों की माने तो कभी कभी ऐसा होता है कि 99 प्रतिशत तक डाटा फीड हो जाता है, इसी बीच सर्वर चले जाने से सारी मेंहनत पर पानी फिर जाता है। फीड किया गया डाटा उड़ जाता है, जिसके बाद फिर से उस डाटा को फीड किया जाता है। जिला कृषि अधिकारी अखिलानंद पांडेय की माने तो उन्हें अब तक जो सूचना उपलब्ध कराई गई है, उसमें 50 हजार किसानों का डाटा फीड हो जाने की बात बताई गई है।