डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम हल्लौर से कर्बला जियारत के लिए रवाना होते जायरीन।
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबाड़ा वफ्फ शाह आलमगीर शानी बड़ाइमामबाड़ा में रविवार की दोपहर मरसिया मजलिस आयोजित हुई। इसके बाद कर्बला की जियारत के लिए जायरीनो शिया श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हुआ। लोगों ने कर्बला जा रहे जायरीनो को फूल माला पहनाकर और गले मिलकर विदा किया और उनके सकुशल वतन वापसी की दुआएं मांगी।
हल्लौर स्थित बड़ा इमामबाड़ा में आयोजित मजलिस मौलाना अली अब्बास ने कहा कि वह इंसान बहुत ही खुशनसीब है। जिसे अपनी जिंदगी में कर्बला इराक स्थित हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों के रौजे की जियारत करने का मौका मिलता है। कहा कि हजरत इमाम हुसैन को सभी धर्म, मजहब, जाति के लोग मानते हैं और उनके प्रति श्रद्धा आस्था रखते हैं। हजरत इमाम हुसैन ने मानवता और इंसानियत तथा इस्लाम धर्म की हिफाजत के लिए अपने जान की कुर्बानी दी थी। मजलिस से पहले मरसिया अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने पढ़ा। हल्लौर से कर्बला के लिए रवाना हुए पहले जत्थे में दो पुरुष दो महिला जायरीन शामिल रहे। इस दौरान अख्तर अब्बास नन्हे, कैसर अब्बास, असगर जमील, काजिम मेहंदी, अरशद, नौशाद हैदर, काजिम रजा, हामिद, सैफ आदि मौजूद रहे।