शहर में निजी हॉस्पिटल, बाइक एजेंसी और शो रूम में नहीं है पार्किंग की व्यवस्था
शाम को ग्राहक निकलते हैं तो लगता है जाम, हादसे की बनी हुई है आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में निजी हास्पिटल, बाइक एजेंसी और शो रूम के सामने पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। शहरियों का कहना है कि जहां करोड़ों का कारोबार करने वाले इन व्यावसायिक संस्थानों ने पार्किंग का इंतजाम नहीं किया है। वहीं नगर पालिका की तरफ से जाम से निजात दिलाने के लिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।
शहर में नगर पालिका के बगल में ही एक बाइक एजेंसी का शोरूम है और कई बड़ी दुकानें हैं। यहां दिन में कुछ कम भीड़ रहती है, लेकिन शाम होते ही सड़क किनारे लगने वाले ठेलों के चलते वाहन सड़क पर ही पार्किंग होते हैं। नतीजा कुछ देर में ही सिद्धार्थ तिराहा जाम से जूझता है। शहर के नवीन मंडी जाने वाले मार्ग पर वन विभाग मोड़ के पास स्थित एक एमआरआई सेंटर व दो बैंक होने से आधी सड़क में बाइक और वाहन खड़े हो जाते हैं। यहां अक्सर लगने वाले जाम के कारण लोग देर तक फंसे रहते हैं। शहर के नौगढ़-गोरखपुर मार्ग पर हुसैनगंज के पास स्थित एक हाॅस्पिटल के पास सड़क किनारे कई वाहन खड़े होते हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर वासी हरिप्रसाद, निसार और हरिबंश का कहना है कि यह करोड़ों का कारोबार कर रहे है, लेकिन इन व्यावसायिक संस्थानों के परिसर में पार्किंग के इंतजाम नहीं है, जिस कारण लोगों को आवागमन में सांसत होने के साथ ही जाम से भी जूझना पड़ता है। इस कारण लोग बाजार में निकलने से भी बचते है, जिससे बाजार का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
संचालकों की बात
अलसहारा हॉस्पिटल की संचालिका डॉ. कहकशा खां ने बताया कि उनकी हॉस्पिटल में पार्किंग की बहुत पर्याप्त जगह है। मरीजों व उनके परिजन को अस्पताल की पार्किंग में वाहन खड़ी करने की सुविधा दी जाती है, सड़क पर जो वाहन खड़ी होती है, उसके लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं। व्यवसायी प्रमोद खेतान के मोबाइल नंबर पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होगा तो प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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वर्जन
शहर के नगर पालिका परिषद ने पार्किंग स्थल नहीं बनाया है। कई निजी अस्पताल और शो रूम में भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। इस कारण लोग सड़क पर वाहन खड़े करते हैं। जब वाहनों से जाम लगता है तो कार्रवाई की जाती है।
अमरेश यादव, टीआई