सिद्धार्थनगर। नगर निकायों में आरक्षण की अंतिम सूची भले ही जारी नहीं हुई है लेकिन होर्डिंग व पोस्टर के चेहरे प्रस्तावित सूची के आधार पर बदलने लगे है। जो सीटें पहले महिला के लिए आरक्षित थी अब वहां अनारक्षित होने से होर्डिंग में पहले पत्नियों को आगे करने वाले पतियों के चेहरे नजर आने लगे हैं। शहर समेत जिले के कई निकायों में होर्डिंग में महिलाएं के चेहरे हट गए है।
नगर निकायों के आरक्षण के संबंध में दिसंबर 2022 जारी हुई अंतिम सूची में जिले के 11 नगर निकायों में आठ महिलाओं के लिए आरक्षित थी। प्रस्तावित नई सूची में सिर्फ चार नगर निकाय में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित है। पिछली बार नगर पालिका सिद्धार्थनगर व बांसी महिला समेत नगर पंचायत कपिलवस्तु अन्य पिछड़ा वर्ग महिला एवं नगर पंचायत शोहरतगढ़, बढ़नी चाफा, बिस्कोहर, भारतभारी, डुमरियागंज का अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित थी। आरक्षण की नई अधिसूचना से राजनीतिक तस्वीर बदल गई है। नई सूची में सिर्फ नगर पालिका बांसी पिछड़ा वर्ग महिला, नगर पंचायत कपिलवस्तु (बर्डपुर) अनुसूचित जाति महिला, उसका बाजार पिछड़ा वर्ग महिला और डुमरियागंज महिला के लिए आरक्षित है। साथ ही नगर पालिका सिद्धार्थनगर अनारक्षित, नगर पंचायत शोहरतगढ़ अनारक्षित, बढ़नीचाफा पिछड़ा वर्ग, बिस्कोहर अनारक्षित, भारतभारी अनारक्षित, इटवा अनारक्षित, बढ़नी अनारक्षित हुई है। अब नगर पालिका सिद्धार्थनगर, नगर पंचायत उसका बाजार, शोहरतगढ़, बिस्कोहर, भारतभारी व बढ़नीचाफा में महिला दावेदारों की जगह पुरूषों के होर्डिंग लग रहे है।
बढ़ गए होर्डिंग के दाम
बीते चुनावों के सापेक्ष इस बार होर्डिंग के दामों में उछाल आ गया है। कई पुराने दावेदार कहते है कि पिछली बार जितने होर्डिंग 20 हजार रुपये में बने थे, इस बार उनकी कीमत 22 से 25 हजार रुपये हो गई है। इससे चुनाव खर्च भी बढ़ गया है। वहीं मांग बढ़ने के साथ ही दुकानदार भी दावेदारों को होर्डिंग बनाने के लिए एक सप्ताह बाद का समय दे रहे है। उतार दी गई थी चुनाव में, इसी प्रकार कई नगर निकायों में बदल गई चुनावी चाल, होर्डिंग के कारोबार में आई तेजी, पिछले वर्षो की अपेक्षा 20%% बढ़ा होर्डिंग बनाने का खर्च