हरितालिका तीज व्रत पर कल भगवान शिव व माता पार्वती की होगी पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज व्रत रखा जाता है। इस बार हरतालिका तीज सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने से सुखद वैवाहिक जीवन और संतान की प्राप्ति होती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार रविवार सुबह 11 बजकर 08 मिनट से तृतीया तिथि शुरू होगी और 18 सितंबर 2023 को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी। हरतालिका पूजा मुहूर्त सोमवार सुबह 06:07 बजे से सुबह 08:34 मिनट तक रहेगी। पूजन की कुल अवधि 02 घंटे 27 मिनट की है। हरतालिका तीज के दिन इंद्र योग व रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। आचार्य अंबरीष के अनुसार मान्यता है कि इंद्र व रवि योग में पूजन करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। हरतालिका तीज व्रत का पारण 19 को किया जाएगा। व्रत पारण के दिन भद्राकाल का वास पाताल लोक में रहेगा। भद्रा पाताल लोक में 19 को भोर में 01:14 मिनट से पूर्ण रात्रि तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, जब भद्रा पाताल लोक में निवास करती है तो इसे पृथ्वी पर रहने वाले प्राणियों के लिए शुभ माना जाता है।
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माता पार्वती के जंगल में जाने से जुड़ा है व्रत
हरतालिका तीज से जुड़ी पौराणिक कथा के कारण इसे इसी नाम से जाना जाता है। हरतालिका शब्द हरत और आलिका से मिलकर बना है। हरतालिका तीज की पौराणिक कथा के अनुसार, देवी पार्वती की सहेली उन्हें घने जंगल में ले गई ताकि उनके पिता उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह भगवान विष्णु से न कर सकें। देवी पार्वती के अचानक गायब हो जाने पर उनके पिता को लगा कि किसी ने उनकी पुत्री का अपहरण कर लिया है। इसलिए इस दिन को हरतालिका या हरितालिका के नाम से जाना जाता है।