सुबह छह बजे से देर शाम तक महिलाएं और बच्चे घरों में रहे कैद
पूरे दिन हो हल्ला और शोर से फैला रहा लोगों ने डर
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। क्षेत्र के हटवा गांव में तेंदुए के घुसने और एक-एक करके लोगों पर हमला करने के बाद हर किसी में डर पैदा हो गया। लोग महिलाओं और बच्चों को घरों में कैद कर दिए। जिससे अचानक तेंदुआ हमला न कर सके। वन विभाग के कार्य को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था।
सुबह छह बजे हटवा गांव में जब उदयराज मिश्र और उनके पोते पर तेंदुए ने हमला किया तब गांव के लोग खेत की ओर और महिलाएं घरों में काम कर रही थीं। अधिकांश बच्चों की नींद भी नहीं टूटी थी। शोर गुल से तब नींद टूटी जब परिवार के लोग उन्हें सहेजते हुए कमरे में लेकर जाकर बंद करने लगे। लाठी डंड़ा लेकर कुछ ग्रामीण हिम्मत जुटाकर टूट तो पड़े लेकिन हर वार खाली जा रहा था। इसी बीच वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। कुछ देर बाद डीएफओ भी मौके पर पहुंचे। लेकिन उसे पकड़ने में नाकाम साबित हो रहे थे। देर शाम तक जाल और पिंजरा लेकर वन विभाग की टीम लगी रही, लेकिन सफलता नहीं मिल पाया था। वहीं, पूरे दिन वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर लोगों में आक्रोश था। तेंदुए के डर से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पूरे दिन घरों में दुबके रहे। लोगों का कहना था कि तेंदुआ बलरामपुर जनपद के पचपेड़वा जंगह से आया था। इसकी दूरी गांव से तकरीबन 35 किलोमीटर होगी। कारण अन्य आसपास कोई जंगल नहीं है।