उसका बाजार। क्षेत्र के महदेवा राय में स्थित प्राचीन झारखंडी शिवमंदिर सावन के माह के साथ महाशिवरात्रि के इन दिनों में क्षेत्र के श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है। मान्यता है कि जो भक्त यहां सच्चे मन से दर्शन एवं पूजा करता है, उसकी समस्त मनोकामना भोलेनाथ पूर्ण करते हैं।
32 वर्ष से यहां अनवरत महाशिवरात्रि पर्व पर रुद्र महायज्ञ का अनुष्ठान, प्रवचन एवं रामलीला का आयोजन चल रहा है। पहले यह सिद्ध स्थान झाड़ी में था। अस्सी के दशक में ग्रामीणों ने यहां झाडियों की साफ-सफाई करके विधि विधान से पूजा अर्चना शुरू किया। सन 1990-91 से ग्रामवासी सेवानिवृत प्रधानाचार्य सतीश चंद्र राय, मुरलीधर अग्रहरि, सुरेंद्र कुमार पांडेय आदि ने यज्ञ शुरू कराया। तब से लेकर आज तक यह क्रम अनवरत महाशिवरात्रि पर्व पर चल रहा है। कलश यात्रा से शुरू होने वाला यज्ञ महाशिवरात्रि पर हवन एवं भंडारा के साथ संपन्न होता है। यज्ञ के मुख्य यजमान सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि यह काफी पुराना भगवान भोलेनाथ का सिद्ध मंदिर है।
वर्तमान में आचार्य मनीराम मिश्र के अगुवाई में सुधाकर मिश्र, श्रवण कुमार मिश्र, प्रिंस त्रिपाठी, गिरिजेश मिश्र, राज कुमार पांडेय, अमित आदि विद्वानों द्वारा यज्ञ का अनुष्ठान कराया जा रहा है।