: पांच करोड़ रुपये से बदले जा रहे हैं शहर के जर्जर तार, अभी मुख्य सड़क किनारे ही हुआ कार्य
: मोहल्ले में गुजर रहे जर्जर तार से होते हैं लोकल फाल्ट, बदलने में लगेंगे अभी एक साल
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में जर्जर तारों के मकड़जाल से छुटकारा पाने में अभी एक साल लगेंगे, तब तक शहरियों को लोकल फाल्ट की दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी। लगभग पांच करोड़ की लागत से शहर के सभी मोहल्लों में जर्जर तार बदलने में अभी एक वर्ष लगने तय है। एक वर्ष पहले शुरू हुए कार्य में अभी तक मात्र मुख्य सड़क किनारे ही जर्जर तार बदले जा सके है। सड़क किनारे दुकानदार व मोहल्ले के लोग लटकते जर्जर तारों से बचते हुए दिनचर्या शुरू करते है।
नगर पालिका कार्यालय सिद्धार्थनगर के पीछे गांधी नगर मोहल्ले की सड़क किनारे दुकान के सामने लटक रहे बिजली तार से बचने के लिए प्लास्टिक पाइप लगाया गया है। दुकानदार संजीव जायसवाल का कहना था कि दुकान के लोहे के शटर को करंट की चपेट में आने से बचने के लिए बिजली तार पर प्लास्टिक पाइप लगाया है, लेकिन दुकान खोलने और बंद करने के साथ ही हर समय हादसे का डर सताता है। वहीं हनुमंत नगर मोहल्ले में घर के सामने से गुजरने वाले बिजली तार से लोग हर समय हादसे के डर से सहमे रहते है। ऐसे ही शास्त्री नगर मोहल्ले के वन विभाग कॉलोनी में नवीन मंडी मार्ग पर लटकते जर्जर तार से लोगों में भय बना रहता है। मोहल्ला के सनी आनंद कहते है कि घर के सामने लटकते जर्जर बिजली तार से हर समय हादसे का डर रहता ही है, साथ ही तेज हवा चलने पर हर समय लोकल फाल्ट हो जाता है। जिससे अक्सर कई घंटे तक बिजली गुल रहती है, जब तक मोहल्ले में बिजली तार नहीं बदले जाएंगे, तब तक फाल्ट की समस्या नहीं दूर होगी।
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10 से 14 किमी बदले जाने है तार
शहर में पांच करोड़ रुपये की लागत से मुख्य सड़क समेत अन्य सड़कों, गलियों व मोहल्ले में 10 से 14 किमी तक जर्जर बिजली तार बदले जाने है। अभी सिर्फ मुख्य सड़क किनारे ही जर्जर बिजली तार बदलकर एबीसी तार लगाए गए है। शहरियों का कहना है कि जब मुख्य सड़क किनारे जर्जर बिजली तार बदलने में एक वर्ष का समय लग गया अब पता नहीं कब तक इस सड़क पर तार बदले जाएंगे। विभाग के अनुसार अभी तक सिर्फ 33 प्रतिशत की कार्य हुए है, शेष कार्य पूर्ण करने में एक वर्ष लगने तय है। ऐसे में जब तक मोहल्लों के जर्जर बिजली नहीं बदले जाएंगे तब तक शहरियों को लोकल फाल्ट की समस्या झेलनी पड़ेगी।
142 करोड़ से बदले जा रहे पूरे जिले के बिजली तार
पूरे जिले में 142 करोड़ रुपये की लागत से जर्जर बिजली तार व पोल बदलने का अभियान चल रहा है। इसके तहत अब तक 40 गांवों के बिजली तार बदले गए है। वहीं 40 अन्य गांवों में बिजली तार बदलने का कार्य चल रहा है। इनमें नौगढ़, शोहरतगढ़, बांसी, इटवा व डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के वह गांव व कस्बा शामिल है जहां पिछले 30 से 40 वर्ष पूर्व बिजली तार लगाए गए थे। जिनके तार टूटने से आए दिन फाल्ट होते रहते है। इनमें कुछ स्थानों पर तो तेज हवा चलने पर भी जर्जर बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो जाते थे, जिससे हर समय हादसे का खतरा मंडराता रहता है।
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गर्मी के मौसम में होगी ज्यादा दिक्कत
ठंड में कम लोड होने के कारण लोकल फाल्ट कम होते है, जबकि गर्मी के मौसम में लोड बढ़ जाने के कारण लोकल फाल्ट अधिक होते है। विभाग के अनुसार लोड बढ़ने पर पुराने बिजली तार क्षतिग्रस्त हो जाते है। अभी तक कई मोहल्लों के जर्जर तार नहीं बदले जाने से अगली गर्मी के मौसम में भी शहरियों को सांसत झेलनी तय है। शास्त्रीनगर निवासी राकेश कहते है कि ठंड में कम लेकिन गर्मियों में लोकल फाल्ट अधिक होता है, जिस कारण कभी-कभी पूरी रात छत अथवा सड़क पर टहलकर बितानी पड़ती है। इसलिए मोहल्ले में भी जर्जर तार बदलने का कार्य जल्द पूरा करना चाहिए।
आसपास के कुछ जगह पर जर्जर तार बदलने का कार्य हुआ है, लेकिन इस मोहल्ले में अभी लोग जर्जर बिजली तार से ही सप्लाई पा रहे है, जिससे हर समय हादसे का खतरा रहता है।
-अखिलेश, इंदिरानगर
पिछले कई वर्ष से जर्जर तार के कारण लोकलफाल्ट की दिक्कत होती रही है, अब भी मात्र मुख्य सड़क पर ही पुराने तार बदले गए है, जिससे इस बार गर्मी में सांसत होगी।
-आशीष पांडेय, शास्त्रीनगर
जर्जर तार के कारण हर समय हादसे का डर रहता है, मोहल्ले की सड़क से गुजरने के दौरान उपर गुजर रहे तार पर ही नजर रहती है, इसे जल्द बदला जाना चाहिए।
-पंकज, हनुमंत नगर
बिना मोहल्ले के जर्जर तार बदले शहर की बिजली व्यवस्था दुरूस्त नहीं हो सकती है, इसलिए जल्द से जल्द तार बदला जाए, ताकि शहर में बिजली सप्लाई सही हो सके।
-राजेश शर्मा, गांधीनगर
अभियान के तहत शहर समेत पूरे जिले में जर्जर बिजली तार व पोल बदले जा रहे है, शहरी क्षेत्र में तेजी से तार बदलने का निर्देश दिया जाएगा। जिससे समय से कार्य पूर्ण कराया जा सके।
-एसके पासवान, अधिक्षण अभियंता, बिजली