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Siddharthnagar News: कौन है सरगना? जो गुजरात में किशाेरी पर बयान बदलने का बना रहा दबाव

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सिद्धार्थनगर। बाल कल्याण समिति एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के संयुक्त प्रयास से गुजरात के सूरत में बंधक नेपाल की 16 साल की किशोरी को मुक्त करा लिया है। किशोरी बाल कल्याण समिति सूरत के संरक्षण में पहुंच गई है। उसके पिता से पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, वह बड़ी चुनौती है। किशोरी के पिता के अनुसार किशोरी के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, वह बयान बदल दे कि वह भटक कर वहां चली गई थी।
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पुलिस महकमे में भी चर्चा है कि आखिर वह सरगना कौन है? जो गुजरात में किशोरी पर बयान बदलने का दबाव बना रहा है। आशंका है कि वह भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी से जुड़ा है। यही कारण है कि अपने स्रोतों से किशोरी पर दबाव बना रहा है। ऐसा हो सकता है कि सरगना के पकड़ में आने के बाद तस्करी के अन्य मामले का भी खुलासा हो जाए।
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/ सदस्य वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि नेपाली किशोरी के पिता ने बाल कल्याण समिति को पूरी जानकारी दी है। उसने बताया कि सिद्धार्थनगर का कोई व्यक्ति फोन के जरिये सूरत में किशोरी पर बयान बदलने का दबाव बना रहा है। किशोरी सूरत से वापस आएगी तो उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस मामले में किशोरी को बेचे जाने की हकीकत भी सामने आ सकती है।
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ऐसे मुक्त मुई किशोरी
सूरत के किसी घर में बंधक बनी किशोरी ने एक महिला की मदद से अपने भाई के मोबाइल पर बात की और रोते हुए बताया कि उसे बंधक बनाया गया है। वह पता नहीं बता सकती है। वह अलीगढ़वा बॉर्डर से आई थी और नौगढ़ से बस में सवार होकर गई। इसे मानव तस्करी का मामला मानते हुए बाल कल्याण समिति ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को पत्र लिखा है। यूनिट ने सर्विलांस के माध्यम से लोकेशन बताई। उसके बाद बाल कल्याण समिति ने सूरत की बाल कल्याण समिति को मेल किया तो उसे मुक्त कराने में आसानी हुई।

पिछले साल दर्ज हुए थे चार केस
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने एक साल पहले मानव तस्करी के चार केस दर्ज किए थे। इसमें बढ़नी और ककरहवा बॉर्डर के दो-दो केस थे। दो केस में भारतीय किशोरियों को नेपाल भेजा जा रहा था, जबकि दो किशोरियों को नेपाल से भारतीय बॉर्डर पार कराने की कोशिश में पकड़ा गया था, जबकि एसएसबी के जवान अक्सर ऐसे मामले को पकड़ रहे हैं।
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वर्जन
बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट पर सर्विलांस के माध्यम से किशोरी की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके माध्यम से किशोरी मुक्त हो गई है। वह वापस आकर जो बयान देगी, उसके आधार पर इसमें शामिल लोगों की तलाश कर कार्रवाई की जाएगी।
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-रामकृपाल शुक्ल, प्रभारी, एंटी ह्यून टैफिकिंग यूनिट
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