सिद्धार्थनगर। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में कई सालों से बंद पड़े बड़े तरणताल की मरम्मत के बाद पानी भरा गया तो जिले में तैराकी की टीम बन गई। ओलंपिक के मानक के अनुसार, बने तरणताल को ठीक कराया गया तो यहां पहली बार सब जूनियर और जूनियर स्तर की प्रतियोगिता हुई और जिले की साक्षी को पदक जीतने में कामयाबी भी मिल गई।
तरणताल बनने के बाद ही इसके टाइल्स उखड़ गई थी। करीब छह करोड़ रुपये से बने तरणताल में भ्रष्टाचार की दरार पड़ गई थी। जिलाधिकारी संजीव रंजन के दबाव में कार्यदायी संस्था ने उसकी मरम्मत करा दी, जबकि चार साल पहले ही तरणताल खेल विभाग को हैंडओवर हो गया था। जीवन रक्षक पद पर कार्यरत तैराकी के राज्य स्तर के खिलाड़ी सत्य प्रकाश त्रिपाठी की देख-रेख में छोटे तरणताल में तैराकी होती थी। तैराकी कोच, क्रीड़ाधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री ने अपने खेल से जुड़े तरणताल के कायाकल्प का प्रयास किया तो इसमें तैराकी की नर्सरी शुरू हो गई है।
लखनऊ से खेलकर वापस आई टीम
बड़े तरणताल में भी पानी भरने के कारण तैराकी के खिलाड़ी नियमित प्रैक्टिस कर रहे हैं, जबकि पहले बच्चों के तरणताल में ही बड़े लोग भी तैरकर शौक पूरा करते थे, जबकि अब तैराकी के उभरते हुए खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। संभावना है कि भविष्य में यहां से भी अच्छे तैराक निकलेंगे, क्योंकि जिले में नदियों का दायरा अधिक होने के कारण यहां तैराकी के खिलाड़ी आसानी से मिल रहे हैं। लखनऊ में हुई प्रदेश स्तरीय सब जूनियर तैराकी प्रतियोगिता में राहुल, शिवम जोशी, वैभव कशाना, अनुराग, रामअवतार, रोशन, हिमांशु यादव, सार्थक मौर्या एवं पीयूष द्विवेदी ने पानी में अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
वर्जन
तैराकी प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की टीम बन गई है। बालक-बालिक वर्ग के खिलाड़ी नियमित प्रैक्टिस कर रहे हैं। जल्द ही प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के खिलाड़ी पदक जीतकर आएंगे।
-आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ाधिकारी