सिद्धार्थनगर। खेसरहा थाना क्षेत्र के रिउना गांव निवासी माता प्रसाद की इलाज के दौरान गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। वह दो जून को संतकबीनगर जिले में हादसे का शिकार हुआ था। गांव में लाश पहुंची तो मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्षेत्र के रिउना गांव निवासी रामरेश चौरसिया के दो पुत्र थे। बड़ा पुत्र माता प्रसाद (23) था, जिसकी शादी तीन साल पहले हुई थी। अभी कोई संतान नहीं है। रामरेश बाजारों में घूमकर पान भेजते हैं। जबकि छोटा भाई शिवप्रसाद कक्षा 10 में पड़ता है। मृतक के तीन बहनों की शादी पहले हो चुकी है। पिता के अनुसार दो जून को माता प्रसाद संतकबीरनगर जनपद में किसी काम से गया था। वहां पर बाइक की टक्कर में जख्मी हो गया था। उसे खलीलाबाद से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। मेडिकल कॉलेज से रेफर होने जाने के बाद वह एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रहा था। एक सप्ताह तक चले इलाज में उसे होश तक नहीं आया तो डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार शाम को लखनऊ जाने की सलाह दी। लखनऊ ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। मौत की खबर से घर मातम छा गया। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता रामनरेश रोते हुए बार- बार यही कह रहे थे कि हर जगह से कर्ज लेकर दवा में लगा दिया, जिससे बेटे की जान बच जाए। लेकिन रुपये खर्च होने के बाद भी बेटे को बचा नहीं सका। उनको रोता हुआ देख गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम हो जा रही थीं।