उल्टी दस्त और गैस व बुखार के मरीज बढ़े, बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग हो रहे शिकार
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में एकाएक बढ़ गई मरीजों की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गर्मी और मौसम की मार हर किसी को बीमार बना दे रही है। बच्चे से लेकर हर उम्र के लोग बुखार, उल्टी और दस्त से पीड़ित हो रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 100 से अधिक बच्चे और इतनी ही संख्या में अन्य उम्र के लोग पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह मौसम का असर है। बारिश होने के बाद ही बीमारी में कुछ कमी आएगी। इसमें बचाव जरूरी है।
सावन माह बारिश का मुख्य समय होता है, हवाओं के झोकों के साथ बारिश होती है। लेकिन इस समय तल्ख धूप और उमसभरी गर्मी चरम पर है। जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। बीमार होने वालों में बच्चों की संख्या अधिक है। बुधवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी की पड़ताल की गई तो भीड़ नजर आई। सबसे अधिक बालरोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीज दिखे। इनमें सभी लगभग बुखार, जुकाम के साथ ही गैस उल्टी, दस्त के शिकार मरीज थे। चिकित्सक ने बताया कि पिछले गई दिनों इस बीमारी से ग्रसित बच्चे पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन ओपीडी में 75 से 100 बच्चे मौसमी बीमार के शिकार होकर आ रहे हैं। यह मौसम का असर है, बारिश होने के बाद कुछ कमी आएगी। वहीं, बालरोग विशेषज्ञ के दूसरे कक्ष में भी इसी बीमारी से पीडि़त बच्चों को लेकर लोग पहुंचे थे। यहां 60-80 मरीज प्रतिदिन पहुंचे हैं। वहीं फिजिशियन चिकित्सक के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ रही है। चिकित्सक ने बताया कि अधिकांश रोगी बुखार, जुकाम और गैस से संबंधित आ रहे हैं। दोपहर एक बजे तक 96 मरीजों को देख चुके हैं। इसमें अधिकांश मौसमी बीमारी के शिकार आ रहे हैं। वहीं इमरजेंसी में तेज बुखार से संबंधित 24 घंटे में तीन से चार मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यह मौसम का असर है। थोड़ा सा संतुलन गड़बड़ होने पर लोग बीमार पड़ रहे हैं। बारिश होने के बाद बीमारी में कमी आएगी। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि दवाओं की कोई कमी नहीं है। अस्पताल में आने वाले हर मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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बचाव जरूरी
धूप तेज हो रही है, इसमें स्वयं भी कम निकलें और बच्चों को न निकलने दें। बाहर का और बासी खाना न दें। पानी साफ पीएं और पानी को ढककर रखें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। आसपास सफाई रखें। शरीर में पानी की कमी न हो इसलिए पानी पीते रहे हैं। बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अगर बीमार होते हैं तो तत्काल चिकित्सक के पास जाएं और उनकी सलाह पर ही दवा लें। -डॉ. फजल खान, बालरोग विशेषज्ञ माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज