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सड़क पर पानी चढ़ने से बलरामपुर से संपर्क कटा, बंधे में रिसाव

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बिजौरा में मकान के प्रथम तल में पानी भरने से दूसरे तल पर रहने को मजबूर परिवार के सदस्य। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सड़क पर पानी चढ़ने से बलरामपुर से संपर्क कटा, बंधे में रिसाव
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बिस्कोहर। उफनाई बूढ़ी राप्ती नदी ने इटवा तहसील क्षेत्र के कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोग छत पर अथवा बांध पर शरण लेने के लिए मजबूर हैं। बलरामपुर के घोपलापुर व भुसैला गांव के पास मुख्य सड़क पर राप्ती नदी का पानी आ जाने से बिस्कोहर से तुलसीपुर व बलरामपुर जाने वाला मार्ग बंद हो गया है। रविवार शाम से कोई भी बड़ा वाहन बिस्कोहर की तरफ नही आया है। वहीं क्षेत्र में स्थित बांध में रिसाव से लोग सहमे हुए हैं।
इटवा तहसील क्षेत्र के पश्चिम व बिस्कोहर के उत्तर स्थित बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से विकास खंड इटवा के कई तटवर्ती गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। घरों में पानी घुस जाने से छत पर शरण ले रखे लोगों के सामने खाने-पीने की समस्या आ गई है। इटवा क्षेत्र के इमिलिया गांव के पांच सौ घर के डेढ़ हजार से अधिक आबादी बाढ़ से घिरी हुई है। गांव के दक्षिण स्थित ड्रेनेज खंड तृतीय के बांध से रविवार रात को ओवरफ्लो होने से बाढ़ का पानी गांव के अंदर पहुंच गया। ग्राम पंचायत इमिलिया टोला कोहल, नवडिहवा व पहाड़पुर जलमग्न हो गए।
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प्रधान प्रतिनिधि राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गांव में रविवार शाम से बाढ़ का कहर है। विद्युत व्यवस्था भी चरमरा गई है। संपर्क मार्ग भी बंद हो गया है। गांव में संक्रमण रोग भी फैलने का डर है। अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी न गांव में आया है और न ही कोई सहायता भेजी है। इसी तरह लमुइया गांव में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। गांव के निचले हिस्से में रहने वालों के घर में पानी भर गया। गांव के नौशाद, असफाक, शेषराम, रामपियारे, मनोज कुमार, उमर ने बताया कि पिछले तीन दिन से गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। गांव की मुख्य सड़क से संपर्क कटा हुआ है। अब तक गांव में न नाव भेजी गई है और न ही किसी अधिकारी ने गांव का दौरा किया है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के कई बच्चे सर्दी जुकाम व हल्का बुखार से पीड़ित है। उनका इलाज कराने हम लोग कैसे जाएं।
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रिंग बांध में रिसाव
लमुइया गांव के दक्षिण व पश्चिम स्थित रिंग बांध में मकबूल व पंगुल के घर के सामने सोमवार सुबह रिसाव से बाढ़ का पानी गांव के अंदर प्रवेश करने लगा। ग्रामीण बबलू, सलीम, कल्लू, कासिम, चिनके व गूठे आदि ने बंधे में रिसाव स्थल को मिट्टी आदि से पटाई करके रिसाव को रोका। प्रधान के प्रतिनिधि राम सुमिरन ने बताया कि जो बंधे का पटान किया गया, वह नाकाफी है, अब फिर से रिसाव हो रहा है, जिससे गांव में पानी भर गया है। नदी बढ़त पर है, जिससे बांध कभी भी टूट सकता है।
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