राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर, सहमे तराई के लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर हो जाने और बंधों की जर्जर स्थित देख नदियों के तट पर बसे लोगों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के बाढ़ व पूर्वानुमान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम चार बजे बांसी में राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से बीस सेंटीमीटर ऊपर था और नदी के बढ़ने का क्रम जारी है।
जानकारी के अनुसार, नदी एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। चार बजे नदी का जलस्तर 85.100 था जबकि खतरे का स्तर 84.900 है। नदी का जलस्तर बढ़ता देख सिंचाई विभाग के अभियंताओं की निगरानी बढ़ गई है। जानकारों का मानना है कि यदि नेपाल में बारिश हुए तो नदी का जलस्तर ओर बढ़ेगा। नदियों का तेजी से बढ़ता जलस्तर देख नदी के तट पर बसे लोग काफी चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि सभी बांध जर्जर है, इन बांधों में अनगिनत रेनकट व रेटहोल है जो बांध के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। बांसी-डुमरियागंज डुमरियागंज-बांसी, बांसी-पनघटिया, सोनखर-हाटा, नरकटहा-सोनखर, जमींदारी बांध सहित सभी बांध में रेनकट व रेटहोल बरकरार हैं जो खतरे को दावत दे रहे है।
-
खतरे की ओर बढ़ी राप्ती, तीन मजरे मैरुंड
बांसी। राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने से नदी के तट पर बसे तीन मजरे मैरुंड हो गए हैं। नदी के पानी से घिर जाने से इन गांव की सड़क पर दो से ढाई फिट पानी बह रहा है। गांव वालों को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने नाव की व्यवस्था कर दिया है ।बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ते ही भगौतापुर के दोनों डीह व छोटकी डडिय़ा मजरे में मंगलवार से ही नदी का पानी आने लगा था दो दिनों से यह तीनों गांव जलमग्न हो गए है और सभी रास्ते पर दो से ढ़ाई फिट पानी बह रहा है। प्रशासन ने बाढ़ से घिरे तीनों मजरे में नाव की व्यवस्था कर दिया है। इस संबंध में एसडीएम कुणाल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आज शाम को तीनों मंजरों में लंच पैकेट का वितरण किया जाएगा तथा राहत सामग्री का वितरण शनिवार को किया जाएगा। संवाद