भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों को सहायता की दरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ब्लॉक क्षेत्र में राप्ती के रौद्र रूप के शिकार बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया है। जिससे लोगों को दो जून की रोटी भी मिलना दूभर हो रहा है। वहीं, खुद के साथ पशुओं को लेकर क्षेत्र के चौराहों, सड़क के किनारे पन्नी तान कर रात गुजारने को मजबूर है। कुछ बाढ़ पीडि़त परिवार अपने घरों के छतों पर आशियाना बना कर रह रहे हैं। जिन्हें अब प्रशासन के मदत की दरकार है।
क्षेत्र के मछिया मुस्तहकम गांव निवासी पन्नेलाल, सूफीयाना, कनिकराम, मुनीराम, सुकई आदि सहित लोगों के घरों में दो से तीन फीट बाढ़ का पानी भर गया है। इन परिवारों के लोगों का राशन आदि खाद्य सामग्री भी डूबकर भीग गया है। इन लोगों ने बताया कि कुछ राशन आदि को बचा कर छत पर रख लिए है, जो घर के छत पर पन्नी तान कर किसी तरह भोजन बना कर खाते है, सोते हैं। वहीं गांव के रहमान, मो.उमर, इसीउद्दीन, हनीफ, गज्जन, हकीमुल्ला के घरों में अधिक पानी हो जाने के कारण घर खाली कर मन्नीजोत, खुरपहवा व डुमरियागंज में शरण लिए हुए है। क्षेत्र के खुरपहवा गांव निवासी राम अछैबर, श्याम सुंदर, विजय पाल के घरों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण गांव के उत्तर तरफ मन्नीजोत भरवठिया मार्ग पर सड़क के किनारे ऊंचे स्थान पर पन्नी तान कर गुजारा कर रहे है। इसी तरह क्षेत्र के धनोहरा गांव निवासी राम अचल, छांगुर, राज कुमार, गंगा, भुनेश्वर, जंगी सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के घरों में घुसे बाढ़ का पानी के कारण धनोहरी गांव में शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग के पटरी पर खुद के साथ पशुओं को लेकर रात गुजार रहे है। धनोहरी गांव में भी बाढ़ के चपेट में कैलाश, राजेश वर्मा, रामफेर, इस्लाम आदि सहित एक दर्जन घरों के लोग हैं, जिनके घरों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सड़क के किनारे रात में जाग कर बिताना मजबूरी है।
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लोगों को मोटर वोट के साथ ही सहायता की मांग
भनवापुर। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों धनोहरा, मछिया मुस्तहकम, पेंड़ारी मुस्तहकम, खुरपहवा, पेड़रियाजीत, वीरपुर, मछिया एहतमाली, सोनखर तेतरी, तेनुई, चंदनजोत आदि गांवों में लगी नाव नाकाफी होने बात करते हुए लोगों ने मोटर वोट की मांग की है। क्षेत्र के पेंडारी व धनोहरा गांव निवासी राजेश, भुनेश्वर, जग्गी, झांगुर आदि ने बताया कि एक मोटर वोट आई थी। जिसका मोटर तहसीलदार ने खुलवा दिया कि हम तेल नहीं दे पाएंगे। अगर मोटर वोट मिल जाती तो लोगों को अपने जरूरी सामानों को समय पर पहुंचाने में आसानी होती। वहीं, जिनके घरों में पानी भरा है।उन्हें भी अपने सामानों को जल्द सुरक्षित करने में सहूलियत मिलती।
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इन गांवों में फसलें डूबी
शुक्रवार को क्षेत्र के बिजवार बढई, अंदुआ शनिचरा, सेमरा बनकसिया, डिवलीडीहा मिश्र, मल्दा, सेमरी के साथ ही महुआ खुर्द आंशिक, देवरिया चमन आदि गांवों में किसानों का रोपाई की गई फसल डूब गई है। हालांकि अभी गांव में किसी के घर में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है।