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सड़कों पर चढ़ा पानी, खेत में खड़ी फसल डूबी

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बिजौरा क्षेत्र के जुड़िकुइया वेतनार मार्ग पर भरा राप्ती नदी का पानी। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सड़कों पर चढ़ा पानी, खेत में खड़ी फसल डूबी
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सिद्धार्थनगर। जिले में राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा, कूड़ा और घोघी नदियों का जलस्तर बढ़ने से हाहाकार मच गया है। शोहरतगढ़ और भनवापुर क्षेत्र की सड़कों पर पानी चढ़ने से आवागमन बाधित हो गया है। बाढ़ के पानी से कई सौ एकड़ खेत में खड़ी फसल डूब गई है। कई गांव पानी से घिर गए हैं। नेपाल के पहाड़ों व क्षेत्र में चार दिनों से हो रही बारिश से जिले की नदियों में उफान आ गया है।
शोहरतगढ़ क्षेत्र के तुलसियापुर-कठेला पीडब्ल्यूडी मार्ग पर भुतहिया-भुतहवा, मटियार, झुंगहवां, तिरछहवां के पास बाढ़ का पानी चढ़ गया है। इसके अलावा झुंगहवा-झुलनीपुर मार्ग पर भी पांच जगहों पर एवं इटहिया-बालानगर मार्ग, नकोलडीह मार्ग, पन्नापुर मार्ग, नजरगढ़वा मार्ग, तौलिहवा मार्ग पर पानी बह रहा है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पेड़रिया जीत वीरपुर मार्ग व पेड़रियाजीत तेतरी पर एक से दो फीट बाढ़ का पानी चढ़ गया है। वीरपुर एहतमाली और वीरपुर कोहल के लोग पानी में घुसकर आने-जाने के लिए मजबूर हैं।
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तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार, शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद, तौलिहवा, खैरी उर्फ झुंगहवां, मटियार उर्फ भुतहवा, तालकुंडा, रेकहट, बसहिया गांवों में बूढ़ी राप्ती, घोरही और बानगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई रास्तों व गांवों में पानी घुस गया है। इससे आवागमन में समस्या हो ही रही है। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। सुरक्षा के कारण मवेशियों को ऊंचे स्थान पर बांधा जा रहा है।
बाढ़ के पानी से खैरी शीतल प्रसाद के टीकर, करौता, चिरहगना, पन्नापुर, नकोलडीह, मुरव्वनडीह, खैरी, शिवदुलारे डीह टोले, खैरी उर्फ झुंगहवा के झुंगहवां व तिरछहवा टोला, तौलिहवा ग्रामसभा के तौलिहवा, इटहिया, बालानगर, कचरिहवा, रेकहट के नजरगढ़वा, मटियार उर्फ भुतहवा के मटियार, भुतहिया, भुतहवा टोला, तालकुंडा ग्रामपंचायत के गोनहा व तमकुहवा टोलों में पानी आ जाने से सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है।
ग्राम प्रधान शिवकुमार साहनी, रामसरन चौहान, दिनेश यादव, चुल्हई, बीडीसी नीलेश साहनी, रफीक ने बताया कि उनके गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। धान, दलहन व सब्जी की फसल डूब गई है। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ से प्रभावित गांवों को मैरुंड घोषित करने व राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि से फिर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों की सड़कों पर पानी बहने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लब्लू श्रीवास्तव, प्रिंस, रऊवाब अली ने बताया कि वीरपुर एहतमाली गांव के दक्षिण राप्ती नदी के तट पर बना शिव मंदिर के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। जो नदी की कटान से मात्र चार मीटर की दूरी पर है।
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राप्ती के जलस्तर के साथ क्षेत्र के पिकौरा, सोनखर डीह, मछिया मुस्तहकम, डुमरिया, पेड़ारी, धनोहरा गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से चिंतित किसान राजकुमार शुक्ल, राम सेवक चौरसिया, परशुराम दूबे, राम प्रसाद वर्मा ने बताया कि शुरुआत में जैसे-तैसे धान की रोपाई कराई। फिर सूखे की मार झेली और अब फसल पक कर तैयार होने को है तो बारिश व बाढ़ ने समस्या बढ़ा दी है।
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