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50 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, छह गांव मैरुंड

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पावर हाउस सिरसिया में भरा बाढ़ का पानी। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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50 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, छह गांव मैरुंड
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सिद्धार्थनगर। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि से जिले के इटवा, शोहरतगढ़ और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। जिले के 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, छह गांव मैरुंड हैं। जिला प्रशासन ने इन गांवों में 40 नावें लगा दी हैं। डुमरियागंज के विद्युत उपकेंद्र सिरसिया में पानी घुसने के साथ कई गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं।
तुलसियापुर प्रतिनिधि के अनुसार, घोरही, बानगंगा, बूढ़ी राप्ती नदियों के बाढ़ से कई गांव घिरे हुए हैं। क्षेत्र के खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां, मटियार उर्फ भुतहवा, तालकुंडा, रेकहट, बसहिया, संसरी, गड़रखा ग्राम पंचायतों के सभी टोलों में चौथे दिन भी बाढ़ का कहर कम नहीं हुआ है। अब भी सड़कों पर पानी भरा है। लोगों को आवागमन में काफी समस्या हो रही है। सरकारी सहायता के नाम पर प्रशासन ने केवल नाव की व्यवस्था की है। सड़कों पर पानी भरा होने से लोगों को अनाज की भी कमी महसूस होने लगी है। इन गांवों की 50 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
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बाढ़ पीड़ित कोदई साहनी, रामहरीश, अशोक पासवान, रफीक, निसार अहमद, हफीजुल्लाह, राधेश्याम मौर्य ने जिलाधिकारी से इन गांवों और टोलों को मैरुंड घोषित करने व राहत सामग्री बंटवाने की मांग की है। शाहपुर प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र सिरसिया में राप्ती नदी का पानी घुस गया है। इससे डुमरियागंज फीडर, खानतारा, भानपुर तहसील, कठौतिया, भिथरिया भारतभारी फीडर की सप्लाई जाती है।
उपकेंद्र में सप्लाई केबल पूरी तरह पानी में डूब चुका है। कालोनी में कमरों में पानी आ चुका है। उपकेंद्र के कर्मचारी कमरा खाली करके सुरक्षित स्थान पर सामान ले जा रहे हैं। जेई सुमेर पासवान ने कहा कि अगर राप्ती नदी का जलस्तर ऐसे बढ़ता रहा तो बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ेगा। डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के ग्राम भरवठीया मुस्तहकम, सोनखर, बेतनार, बेव एहतमाली, जुडीकुइयां, विसुनपुर औरंगाबाद, परसोईया सदानंद, जुडवनिया पिकौरा, जहदा मुस्तहकम, रमवापुर जगतराम, असनहरा माफी, केशवाजोत, भरवटिया एहतमाली, कोहलचक रमवापुर, खनता, मछयां मुस्तहकम, मछीया, जमालजोत वीरपुर मुस्तहकम गांव बाढ़ से प्रभावित है। जहां पर 1200 हेक्टेयर फसल बाढ़ में डूबी हुई है।
डीएम ने ट्रैक्टर से किया निरीक्षण
सिद्धार्थनगर। डीएम संजीव रंजन एवं सीडीओ जयेंद्र कुमार ने इटवा एवं भनवापुर ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लोगों की समस्याओं के निदान का आश्वासन दिया। इस बीच जहां वाहन नहीं पहुंच रहा था, वहां ट्रैक्टर से पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने भनवापुर ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायत जुड़ी कुंइयां, बिजौरा, खंता और इटवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसोहन का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलदार को बाढ़ प्रभावित गांवों में नाव की एवं जुड़ीकुइंया में स्टीमर की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। डाक्टरों को कैंप करने तथा गांवों में दवा बांटने के निर्देश दिए।
एसडीएम नहीं बता पाए बाढ़ प्रभावित गांवों के नाम
सांसद जगदंबिका पाल ने इटवा एवं भनवापुर ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। जहां वाहन नहीं जा सकते और नाव का भी इंतजाम नहीं था। सांसद ने ट्रैक्टर से दौरा किया। वहां मौजूद एसडीएम विकास कश्यप से बाढ़ प्रभावित गांवों का नाम पूछा तो वह नहीं बता पाए। सांसद ने नाराजगी जताई। सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि कई गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं, लेकिन तहसील प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। जिलाधिकारी से वार्ता कर तहसील प्रशासन के लापरवाह रवैए के प्रति नाराजगी जताई। डीएम ने स्वयं वहां का निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए।
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जिले में करीब पचास गांव बाढ़ प्रभावित हो गए हैं, इटवा के छह गांव मैरुंड हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में नांव एवं अन्य सुविधाएं दी जा रही है। बाढ़ प्रभावितों में राशन वितरित किया जा रहा है। -संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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