जल संग्रह क्षमता कम होने से नहरों में नहीं पहुंच रहा पर्याप्त पानी
- पिछले वर्ष मानसून सीजन के सापेक्ष अब तक 34 प्रतिशत हुई है बारिश
- बारिश कम होने से बानगंगा डैम में कम हो गया है संग्रहित पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पिछले वर्ष मानसून सीजन में हुई बारिश के सापेक्ष अब तक मात्र 34 प्रतिशत बारिश होने से जिले के दो सागरों एवं बानगंगा डैम में संग्रहित पानी कम हो गई है। इससे जिले की नहरों में हेड से टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। बारिश नहीं होने और नहरों में पानी नहीं होने से किसानों की फसल सूख रही है।
पिछले वर्ष अगस्त के दूसरे सप्ताह तक 118 प्रतिशत बारिश हुई थी, जिससे धान की फसल को सिंचाई करने में किसानों को राहत मिली थी, जबकि इस वर्ष बहुत कम बारिश होने से किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं।
वहीं, जिले में बानगंगा नदी पर स्थित एकमात्र डैम में संग्रहित पानी कम होने से यहां से निकलने वाली नहरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। नतीजा यह है कि जिले के कई नहरें सूखी पड़ी हैं और किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं।
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पिछले साल आई बाढ़, इस साल पानी के लिए किसान बेहाल
शाहपुर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में पिछले साल आई बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। इस वर्ष बारिश नहीं होने से किसान सूखे की मार झेलने को मजबूर हैं। किसान राधेश्याम का कहना है कि पिछले वर्ष बाढ़ आने से इस क्षेत्र में एक माह तक पानी भरा रहा। कई ग्राम पंचायतों को मैरूंड घोषित किया गया था। इस वर्ष किसी तरह सिंचाई कर धान का बेहन डाला, लेकिन कम बारिश के कारण रोपाई भी नहीं कर सके। किसान कन्नू तिवारी ने कहा कि इस महंगाई में कैसे खेत की सिंचाई करें। किसान सहजराम यादव ने कहा कि पिछले साल आई बाढ़ में पूरी फसल बर्बाद हो गई अब बारिश नहीं होने से हालत खराब है। बेनीमाधव ने कहा अगर बारिश नहीं हुई तो फसल सूख जाएगी।
बारिश कम होने से जिले के दो सागरों, तालाबों में जल संचयन नहीं हो पाया है। इससे धान के साथ ही गेहूं की फसल पर प्रभाव पड़ सकता है।
- सीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
बारिश नहीं होने से भूमि का वाटर लेबल भी गिर रहा है, जिससे नदियों में पानी कम हो जाएगा और डैम में पानी संग्रहित नहीं होने से नहरों तक पानी नहीं पहुंच सकेगा।
- आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग