सिद्धार्थनगर। लोटन कोतवाली क्षेत्र के बरवां गांव निवासी रोहित हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। एसओजी, लोटन कोतवाली की पुलिस ने बृहस्पतिवार को हत्यारोपी परवेज और उसकी महिला मित्र संजू उर्फ पिंकी को क्षेत्र के धरमौली गांव के पास से दबोच लिया, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस का दावा है कि तीन माह पहले चोरी के मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से जेल भेजवा देने की घटना से कुंठित था इसलिए उसने हत्या कर दी। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी अभिषेक कुमार अग्रवाल ने यह जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि लोटन कोतवाली क्षेत्र के बरवां गांव निवासी रोहित पुत्र दारा की हत्या कर दी गई थी। उसका शव उसके गांव से कुछ दूरी पर मिला था। इस मामले में गांव के ही दो लोगों पर हत्या का केस दर्ज करके लोटन कोतवाली पुलिस के अलावा एसओजी और सर्विलांस सेल की टीम को लगाया गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह क्षेत्र के धरमौली गांव के पास से मुख्य आरोपी परवेज और उसकी महिला मित्र संजू उर्फ पिंकी निवासी सेमरहना यादव पुरवा को दबोच लिया गया। पूछताछ में पता चला कि महिला ने राेहित को धोखे से बुलाया था। इसके बाद हत्या कर दी गई थी। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जबकि उसका साथी सुनील चौरसिया निवासी सैनुवा थाना लोटन अभी फरार है, उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पिंकी ने प्रेमजाल में फंसाकर रोहित को बुलाया था
पूछताछ में हत्यारोपी परवेज निवासी बरवां ने बताया कि रोहित ने तीन माह पूर्व चोरी के मुकदमे उसे जेल भेजवा दिया था। उसका बदला लेने के लिए उसने अपनी महिला मित्र संजू उर्फ पिंकी निवासी सेमरहना यादव पुरवा के साथ मिलकर योजना बनाई। योजना के तहत पिंकी ने रोहित को अपने प्रेमजाल में फंसाकर 15 अगस्त की शाम सेमरहना नहर पुलिया के पास मिलने के लिए बुलाया। वहां पुलिया की आड़ में वह और उसका साथी सुनील पहले से डंडा लेकर छिपे थे। जब रोहित पिंकी से मिलने आया, तब मौका देखकर दोनों ने रोहित के सिर पर पीछे से डंडे से वार कर दिया, जिससे वह वहीं गिर पड़ा। उसे डंडे से तब तक मारते रहे, जब तक कि उसकी मृत्यु नहीं हुई। मौत के बाद पास के खेत में डंडा फेंककर भाग गए। घटना के बाद सुनील नेपाल भाग गया और बृहस्पतिवार को मुख्य आरोपी भी नेपाल भाग रहा था कि पुलिस ने पकड़ लिया।
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24 घंटे के भीतर खुलासा करने पर एसपी ने दिया इनाम
पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार अग्रवाल ने घटना के 24 घंटे के भीतर खुलासा करने वाली टीम के सदस्य एसओ लोटन चंदन कुमार, एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव, सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेंद्र कुमार सिंह, आरक्षी अवनीश सिंह, रमेश यादव, पवन तिवारी, राजीव शुक्ल, मृत्युंजय कुशवाहा, वीरेंद्र तिवारी, छविराज, देवेश यादव, विवेक मिश्र, अभिनंदन सिंह को पांच हजार रुपये इनाम दिया है।