जिले में मौजूद वक्फ की 2,618 संपत्तियों की हो रही जांच
- बंजर, ऊसर व भीटा को वक्फ संपत्ति दर्ज करने का हो रहा पुर्नपरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में मौजूद वक्फ की 2,618 संपत्तियों के राजस्व अभिलेखों की जांच हो रही है। इसके तहत सात अप्रैल 1989 के बाद सरकारी भूमि जैसे बंजर, ऊसर व भीटा की संपत्ति को राजस्व अभिलेखों में वक्फ की संपत्ति दर्शाने अथवा इंद्राज करने का पुर्नपरीक्षण किया जा रहा है। डीएम संजीव रंजन के निर्देश पर सभी तहसीलों में एसडीएम वक्फ की संपत्तियों की राजस्व अभिलेखों का पुर्नपरीक्षण किया जा रहा है।
जिले की सभी तहसीलों में स्थित वक्फ की संपत्ति में 1,768 कब्रिस्तान, 428 मस्जिद, 117 ईदगाह, 104 मदरसा या मकतब, 60 कर्बला, आठ ईमामबाड़ा, 12 मजार, तकिया व दरगाह स्थित है। इसके अलावा वक्फ की ही संपत्ति पर दो यतीमखाना का संचालन बताया जा रहा है। साथ ही वक्फ की 119 अन्य संपत्तियां भी जिले में है।
शासन की तरफ से सात अप्रैल 1989 के बाद सरकारी भूमि बंजर, ऊसर व भीटा आदि को राजस्व अभिलेखों में परिवर्तित कर वक्फ की संपत्ति बना देने के मामलों का पुर्नपरीक्षण किया जा रहा है। इसके तहत ऐसी वक्फ की संपत्ति जो पहले राजस्व अभिलेखों में बंजर, ऊसर व भीटा रही होगी उसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
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नौगढ़ में है सर्वाधिक वक्फ की संपत्ति
जिले में 2,618 वक्फ की संपत्ति में सर्वाधिक 1,150 संपत्ति नौगढ़ तहसील में है। इसके बाद शोहरतगढ़ तहसील में 456, डुमरियागंज में 428, बांसी में 331 और इटवा में 253 वक्फ की संपत्ति मौजूद है। वक्फ की संपत्ति में मुस्लिमों के सुन्नी समुदाय की वक्फ की संपत्ति 2,541 है और शिया समुदाय की वक्फ की संपत्ति 77 है। इसमें शिया समुदाय की संपूर्ण 77 वक्फ की संपत्ति डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में ही स्थित है। जबकि सुन्नी समुदाय के वक्फ की संपत्ति पूरे में जिले में है।
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करोड़ों रुपये की हैं वक्फ की संपत्तियां
शहर, कस्बों एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित वक्फ की संपत्तियां की वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये में है। इनमें शहर के मुख्य मार्गों पर कई बीघा में स्थित मदरसा, कब्रिस्तान, ईदगाह, कर्बला व ईमामबाड़ा की भूमि बेसकीमती है। सभी तहसीलों में राजस्व कर्मियों की तरफ से राजस्व अभिलेखों को खंगाला जा रहा है कि कहीं वक्फ की सड़क किनारे और पोखरे के आसपास स्थित संपत्तियां पहले बंजर, ऊसर अथवा पोखरे के भीटा के तौर पर तो दर्ज नहीं थी।
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15 दिन में होना है पुर्नपरीक्षण
डीएम संजीव रंजन ने सभी तहसीलों के एसडीएम को 15 सितंबर 2022 को भेजे पत्र में वक्फ की संपत्तियों का पुर्नपरीक्षण एवं दुरूस्तीकरण कर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। डीएम संजीव रंजन का कहना है कि तहसीलों से प्राप्त पुर्नपरीक्षण एवं दुरूस्तीकरण संबंधी रिपोर्ट समेत शासन को निर्धारित समय में अनुपालन आख्या भेजी जाएगी।