शहर के अबूबकर नगर मोहल्ले में शुक्रवार सुबह एक निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से दो मजदूरों की दबकर मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। मेडिकल कॉलेज में दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना में चार और मजदूर घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, अबूबकर नगर मोहल्ले में एक कांप्लेक्स का निर्माण कार्य ठेके पर चल रहा था। अभी बेसमेंट का हिस्सा बनाया जा रहा था। निर्माणाधीन काॅम्प्लेक्स के उत्तरी हिस्से में एक लंबी दीवार बनाई गई थी। इस दीवार और इसके उत्तर बने दूसरों के मकान के बीच की खाली जगह में मिट्टी भराई का काम चल रहा था।
इस बीच सुबह करीब 10 बजे अचानक दीवार भरभरा कर गिर गई और वहां काम कर रहे बरियारपुर के गोविंद 25 वर्ष और बढ़या गांव निवासी योगेंद्र 55 वर्ष समेत छह मजदूर उसके नीचे दब गए।
दीवार गिरते ही मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया और पुलिस को सूचना दी। काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
मजदूरों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने गोविंद और योगेंद्र को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मजदूरों के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
चार मजदूर घायल
दीवार गिरने के दौरान चार मजदूर घायल हो गए। इसमें बरियारपुर थाना क्षेत्र के अहिल्यापुर निवासी शारदा 45 वर्ष गंभीर हैं। वहीं खुखुंदू थाना क्षेत्र के भगौना छापर निवासी अखिलेश प्रसाद 26 और टड़वा गांव निवासी हरेंद्र 50 वर्ष, बघौचघाट थानाक्षेत्र के सेमरी बसडीला निवासी रामदयाल 50 वर्ष घायल हैं।
घायलों को इलाज के लिए महर्षि देवरहवा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। जहां से दो घायलों को परिजन किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए ले गए। इसमें हरेंद्र 50 वर्ष इलाज के बाद अपने घर टड़वां पहुंच गए हैं। ईंटे हटाने को आगे आए ईओ : दीवार के मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई।
अंदर लोगों के दबे होने की आशंका में ईओ संजय तिवारी ने खुद ही ईंटे हटाना शुरू कर दिया। यह देख उनके सफाई इंस्पेक्टर और अन्य कर्मचारी भी आगे बढ़कर ईंटे हटाने में जुट गए। एक परत ईंटे हटाने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी मशीन से मलबा हटाने का कार्य शुरू हुआ। मलबे में कोई दबा हुआ नहीं पाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।