सिद्धार्थनगर। जनपद की दो नगर पालिका और नौ नगर पंचायतों के लिए 11 मई को मतदान होगा। मई माह में नौ, 10 और 11 को भी शुभ मुहूर्त होने के कारण इन तिथियों में जिले में 1300 शादियां भी होंगी। ऐसे में यह शादियां कहीं होने वाले निकाय चुनाव प्रतिशत की बैंड न बजा दें। इसे लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। लोगों को शादी के साथ वोटिंग के लिए जागरूक कर रहा है। 11 मई को विवाह की लगन तेज होने के कारण इसमें निकायों के हजारों लोग शामिल होंगे।
निकाय चुनाव के दूसरे चरण में शामिल जिले के नगर पालिका सिद्धार्थनगर व बांसी समेत नगर पंचायत उसका बाजार, कपिलवस्तु, शोहरतगढ़, बढ़नी, इटवा, बिस्कोहर, डुमरियागंज, भारतभारी व बढ़नीचाफा में 11 मई को मतदान होना है। इस वर्ष विवाह लगन का नौ, 10 और 11 मई को शुभ मुहूर्त है। जिले में शहर से गांव तक इन तिथियों में नौ चार सौ, 10 तीन सौ और 11 को छह सौ से अधिक शादियां तय है। इसमें नगर निकायों के सभासद पद के प्रत्याशियों के यहां शादी भी तय है। मतदान के पहले और उसी दिन शादी होने से बरात में शामिल अधिकांश लोग मतदान से वंचित भी हो सकते है। पिछली बार नगर निकाय चुनाव में जिले में 53 प्रतिशत मतदान हुआ था। अब इस बार शादी लगन होने के कारण मतदान प्रतिशत घट सकता है।
शहर निवासी दीनदयाल के यहां 11 मई को ही बेटे की शादी तय है, इसके लिए वह तैयारियों में जुटे हुए है। उन्होंने बताया कि मतदान के ही दिन बेटे की बारात महराजगंज जाएगी, लेकिन वह मतदान करके ही बारात जाएंगे और कोशिश करेंगे सभी बाराती भी मतदान करें। जानकारों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से पहल करके लोगों को जागरूक किया जाए तो ठीक, नहीं तो जागरूकता के अभाव में मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है।
जीवन के लिए शादी जरूरी है। पर विकास का पहिया तेजी से रफ्तार पकड़े, इसके लिए सही व्यक्ति का चुनाव होना अति आवश्यक है। लोकतंत्र में मतदान दिवस का बड़ा महत्व है। हम सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए। मतदान करने के बाद भी अन्य कार्य करें। इससे देश और नगर की तरक्की होगी।
-पं. दिव्यांशु महराज, प्रवचन कर्ता
मतदान में सभी की सहभागिता होनी चाहिए। हर घर में जितने लोग वोटर हैं, सभी मतदान करें। शादी-विवाह सहित अन्य कार्य के बीच इसे महत्वपूर्ण मानना चाहिए। प्राथमिकता के आधार पर अपने वोट दें और दूसरे को जागरूक कर बूथ तक भेजने का कार्य करना चाहिए। महिलाएं भी मतदान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं।
-मोहम्मद मुस्तफा, समाजसेवी