विद्यामंदिर इंटर कॉलेज तेतरी बाजार में विजयदशमी उत्सव का आयोजन हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विजय साधन संपन्नता पर नहीं, आचरण की श्रेष्ठता पर निर्भर करता है। रावण सब प्रकार से संपन्न था, त्रैलोक्य विजेता था। पुष्पक विमान से चलता था, जिसकी इच्छा पर सूर्य, चंद्रमा व अग्नि चलते थे, फिर रावण का पराभाव कैसे हुआ। ये बातें प्रांत प्रचारक के सुभाष ने शनिवार को कहीं। वह विद्यामंदिर इंटर कॉलेज तेतरी बाजार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिद्धार्थनगर की ओर से आयोजित विजयदशमी उत्सव को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जहां धर्म है, वहीं जय है। प्रभु श्री राम के पास आचरण, धैर्य, सत्य, शील, दृढ़ता, संतोष, वरदान, ज्ञान, विज्ञान, संयम, नियम व मन की स्थिरता जैसे गुण थे। इसलिए विपन्नता होने के बाद भी राम की विजय हुई। वहीं, संपन्नता होने के बाद भी रावण का पराभव हुआ। रावण के पास संपन्नता के साथ आचरण की न्यूनता थी। रावण ने संपन्नता को साधन बनाया था, जबकि राम ने आचरण, धर्म, सत्य व न्याय को साधन बनाया था। इसलिए राम की विजय की प्राप्ति हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग संघचालक रामचंद्र मुंशी ने की। इस अवसर पर सह प्रांत प्रचारक सुरजीत, जिला संघचालक, गोकुल गोयल, विभाग प्रचारक दीनानाथ, विभाग कार्यवाह शिवमूर्ति, सह विभाग कायर्वाह हरिश्चन्द्र, कार्यक्रम के मुख्य शिक्षक सौरभ, जिला प्रचारक वीरेन्द्र जिला कार्यवाह शिवेंद्र सिंह आदि स्वयंसेवक मौजूद रहे।