सूत्रों के अनुसार विकास सिंह जिले में किसी से संपर्क था, वह क्षेत्र के एक गांव में अपने किसी जानने वाले के यहां शरण लिए हुए था, ऐसा सूत्र बता रहे हैं। उसे भारत–नेपाल सीमा की पूरी जानकारी थी। सीमा के पास उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही एसटीएफ ने मंगलवार को घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
कोडीन कफ सिरप तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए वाराणसी एसटीएफ और कमिश्नरी पुलिस की संयुक्त टीम ने सिद्धार्थनगर जिले के कोटिया क्षेत्र के गणेशपुर नेपाल बॉर्डर से एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है।
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आरोपी की पहचान आजमगढ़ जनपद के नार्वे गांव निवासी विकास सिंह के रूप में हुई है, जो बॉर्डर का सहारा लेकर नेपाल फरार होने की फिराक में था, लेकिन उससे पहले ही टीम के हत्थे चढ़ गया। संयुक्त टीम से पूछताछ के लिए वाराणसी लेकर गई है ऐसा सूत्र बता रहे हैं। वहीं, जिले स्तर के पुलिस अधिकारी इस बारे में किसी भी जानकारी से इनकार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार विकास सिंह जिले में किसी से संपर्क था, वह क्षेत्र के एक गांव में अपने किसी जानने वाले के यहां शरण लिए हुए था, ऐसा सूत्र बता रहे हैं। उसे भारत–नेपाल सीमा की पूरी जानकारी थी। इसलिए नेपाल भागने के लिए उसने बॉर्डर को चूना और सिद्धार्थनगर की ओर रुक कर लिया।
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उसे पता था कि पुलिस राजधानी और पूर्वांचल के बनारस जौनपुर और गाजीपुर में तलाश करेगी ना की बॉर्डर इलाके में उसके बारे में जानकारी। लेगी। वह नेपाल निकलने की तैयारी में था। इसी दौरान सीमा के पास उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही एसटीएफ ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
बताया जा रहा है कि भोर में उसे पकड़ा गया है।इसके बाद पूछताछ के लिए वाराणसी ले जाया गया है, जहां उससे तस्करी के रूट, सप्लायर और नेपाल कनेक्शन को लेकर सख्ती से पूछताछ की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय पुलिस के अधिकारी कार्रवाई से पूरी तरह अनजान रहे। माना जा रहा है कि पूछताछ में कोडिंग कफ सिरप तस्करी से जुड़े कई बड़े नाम और अंतरराष्ट्रीय लिंक सामने आ सकते हैं।