नई तकनीक से खेती कर आय बढ़ाएं : सांसद
सिद्धार्थनगर। सभी किसान कृषि विभाग, कृषि वैज्ञानिकों से तकनीक की जानकारी लेकर विभिन्न फसलों, सब्जी, फल आदि का उत्पादन कर आय बढ़ाएं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत हो सके। ये बातें सांसद जगदंबिका पाल ने लोहिया कला भवन में आयोजित जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी, किसान मेला एवं फसल अवशेष प्रबंधन गोष्ठी में कहीं।
सांसद ने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद के तहत चयनित कालानमक को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय निर्यात व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को कालानमक का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि कृषि विभाग के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। इसके माध्यम से किसान यंत्र खरीद सकते हैं। किसान तकनीकी खेती के साथ साथ पशुपालन, सब्जी की खेती, आम, लीची, केला आदि लगाकर अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है। इसलिए पराली न जलाएं। पराली को इकट्ठा कर पशुओं के चारा के रूप में प्रयोग करें अथवा कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली का प्रबंधन करें। उपकृषि निदेशक अरविंद कुमार विश्वकर्मा ने किसानों को लाभार्थीपरक योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कहा कि सभी किसान उन्नतशील बीजों का प्रयोग करें। इससे पैदावार अधिक होगी। सभी राजकीय कृषि केंद्रों पर खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मेरी पालिसी मेरे हाथ के तहत चिन्हित किसान तौलन, विश्वनाथ साहनी, गौरीशंकर, विष्णू पाठक, राम उजागिर, सुदीप चंद्र वाजपेयी को पालिसी का वितरण किया गया। साथ ही एनएमईओ आयल सीड योजना के तहत चिन्हित किसानों को निशुल्क मिनी किट का वितरण किया गया। इस दौरान सीडीओ जयेंद्र कुमार, भाजपा नेता उपेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह उपस्थित थे।