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Siddharthnagar News: बच्चों ने धोया पिछड़े जिले का दाग, बजाया प्रतिभा का डंका

Thu, 27 Apr 2023 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। नीति आयोग के अंतर्गत महात्वाकांक्षी जिले में बच्चों ने पिछड़े होने का दाग धो दिया। यूपी बोर्ड परीक्षा में पहली बार हाईस्कूल व इंटर में दस परीक्षार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में मुकाम पाया है। इस कामयाबी की चर्चा चहुंओर हो रही है। लोग यहीं चर्चा करते हुए मिल रहा है कि जिले के बच्चों ने प्रतिभा का डंका बजाया है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा में हाई स्कूल के तीन और इंटर में सात परीक्षार्थियों ने प्रदेश की सूची में स्थान पाया है। पहली बार इतना शानदार प्रदर्शन हुआ है। जिन विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर है, उनके संचालकों, शिक्षकों के हौसले बुलंद हैं। वहीं अन्य विद्यालयों को भी बच्चों के माध्यम से नाम रोशन करने की प्रेरणा मिली है। खास बात है कि टॉपर बने बच्चे बड़े सपने देख रहे हैं। इसी तरह बच्चों में प्रतिभाएं निखरती रही तो महात्मा बुद्ध के साथ यहां की शिक्षा भी विशेष पहचान होगी। बाढ़ प्रभावित जिले में छह लाख से अधिक लोग प्रवासी श्रमिक हैं। अधिकतर बच्चे संसाधनों के अभाव से जूझते हैं, लेकिन पढ़ाई का माहौल मिला तो उन्होंने अधिकारियों को भी कामयाबी के लिए नई दिशा दिखा दी।

परिणाम भी चार प्रतिशत अधिक
हाईस्कूल में जिले 38174 बच्चे पंजीकृत थे। इसमें 35488 बच्चों बोर्ड परीक्षा दी थी। इसमें 32485 बच्चे परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। जिले में 92.72 प्रतिशत परीक्षा में उत्तीर्ण हुए। यह परिणाम पिछले वर्ष की अपेक्षा चार प्रतिशत अधिक है।
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वहीं इंटरमीडिएट में जिले में 24107 बच्चे पंजीकृत थे। इसमें 23412 परीक्षा में शामिल हुए थे। बोर्ड परीक्षा के जारी परिणाम में 18425 बच्चे उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण होने वालों का प्रतिशत 78.70 है।


मेरे विद्यालय में अतिरिक्त कक्षाएं संचालित हुई और किताबें भी अतिरिक्त उपलब्ध रही। स्पीच और डिबेट कंपटीशन के कारण तैयारी आसान हो गई। स्पीच से पहले सब्जेक्ट को पूरी तरह तैयार करते थे और इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती थी।
-शुभ्रा मिश्रा, हाई स्कूल, यूपी में चौथीं रैंक

मेरे विद्यालय में अतिरिक्त कक्षाएं चलती थी। मात्र 200 रुपये शुल्क में एक माह तक सभी विषयों की पढ़ाई का अवसर मिलता था, इतनी कम शुल्क में कोचिंग में पढ़ाई संभव नहीं है। विद्यालय प्रबंधन के बेहतर प्रयास से हमारा लक्ष्य आसान हो गया।
-शानवी सिंह, हाईस्कूल, यूपी में छठवीं रैंक
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सोमैया,इंटर, यूपी में पांचवीं रैंक
पढ़ाई का माहौल मिला तो हमने साबित किया कि यहां के बच्चे किसी भी मायने में कमजोर नहीं है। यदि हम टॉपर बन सकते हैं तो देश की बड़ी परीक्षाओं में भी बाजी मार सकते हैं। इस परिणाम से हौसला बढ़ा है।
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सृष्टि मिश्रा, हाई स्कूल, यूपी में रैंक चार
सिद्धार्थनगर बदल रहा है। हमने यूपी की सूची में स्थान बनाया है। अब अच्छी पढ़ाई करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। हमारा जिला पिछड़ा कहा जाता है, लेकिन हम मानते हैं कि यह सबसे अधिक प्राकृतिक रूप से समृद्ध है।
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मौके और भी हैं...
बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं आने से विद्यार्थी व परिजन निराश न हो। जिनके परिणाम अच्छे नहीं हैं, अभिभावक उन बच्चों से बात करें, उनकी पीड़ा को समझें। बच्चे भावुक हो तो उन्हें समझाएं कि कम नंबर की चिंता न करें, आगे भी कुछ अच्छा करने के बहुत से अवसर आएंगे। अंक नहीं, बल्कि योग्यता मायने रखती है। सकारात्मक सोच के साथ अगले लक्ष्य का प्रयास करें।
डॉ. मोहम्मद अफजल, सहायक आचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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सभी जताई खुशी, दी बधाई
बहुत प्रसन्नता की बात है कि जिले के दस बच्चे टॉपर बने हैं। मेधावी बच्चे, उनके अभिभावकों को बधाई। हमारे जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बच्चों ने भी इसे प्रमाणित किया है। आगे भी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। जगदंबिका पाल, सांसद

बच्चों की उपलब्धि सराहनीय है। जिन विद्यालयों ने बेहतर प्रबंधन किया, मैं उनकी भी सराहना करता हूं। सफलता प्राप्त करने वाले सभी लोग बधाई के पात्र हैं। इस सफलता से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी।
माता प्रसाद पांडेय, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष, विधायक

यूपी बोर्ड का परिणाम आया तो बच्चों की सफलताओं ने सभी का दिल जीत लिया। टॉपरों से उत्तीर्ण हुए सभी बच्चों को बधाई देता हूं। सभी की सफलता से परिणाम का प्रतिशत बढ़ा। आगे ऐसे परिणाम के लिए मैं स्वयं बच्चों के बीच में जाता रहूंगा।
विनय वर्मा, विधायक, शोहरतगढ़

सिद्धार्थनगर में यूपी बोर्ड का परिणाम अच्छा रहा। प्रदेश की मेरिट में दस टॉपर निकले हैं, यह बहुत खुशी की बात है। इसी तरह का परिणाम आगे भी आए, इसके लिए अन्य विद्यालयों में भी पढ़ाई का माहौल बेहतर किया जाएगा। टॉपरों सहित मैं सभी बच्चों को बधाई देता हूं।
संजीव रंजन, जिलाधिकारी
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बच्चों की सफलता बहुत खुशी की बात है। ये मेधावी आगे चलकर देश के काम आएंगे। बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए पुलिस लाइन की लाइब्रेरी खुली रहेगी, वे दिन में अपना प्रवेश दिखाकर पढ़ाई कर सकते हैं। पुलिस के अधिकारी भी बच्चों को प्रेरित प्रोत्साहित करने विद्यालय में जाएंगे।
अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक

परीक्षा परिणाम से तसल्ली मिली है। बोर्ड के परिणाम की समीक्षा की जाएगी। जिन विद्यालयों के बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, उनके प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया जाएगा। सभी टॉपरों को सम्मानित करके उन्हें बधाई दी जाएगी। जिन विद्यालयों का प्रदर्शन कमजोर रहा, उन्हें आगे की परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।
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अवधेश नारायण मौर्य,जिला विद्यालय निरीक्षक
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