घोसियारी। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के भूपतिजोत गांव में एक परिवार जर्जर झोपड़ी डालकर रहने को मजबूर है। अफसर व जनप्रतिनिधि आवास की आस देकर भूल गए हैं। एक कमरे के जर्जर कच्चे मकान और सामने पुरानी झोपड़ी में परिवार के छह सदस्य रहने को मजबूर है।
क्षेत्र के भूपतिजोत निवासी रामसुभग (65) अपनी पत्नी और छोटे बेटे धु्रवचंद के परिवार के साथ रहते हैं। ध्रुवचंद के दो बच्चे हैं, उनके ऊपर अपने वृद्ध माता पिता के भी जिम्मेदारी है इसलिए घर परिवार को छोड़कर शहर में दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करते हैं। वृद्ध माता-पिता को वृद्धा पेंशन भी नहीं मिलता, चुनाव के समय केवल आश्वासन मिलता है कि इस बार आवास मिल जाएगा। लेकिन चुनाव बीतने के बाद भी सभी लोग भूल जाते हैं। इस महंगाई में केवल घर का खर्चा चल जाए। इतना ही केवल दिहाड़ी मजदूरी से प्राप्त हो पाता है।
बीडीओ खेसरहा चंद्रभान उपाध्याय का कहना है कि इस समय आवास के लिए ऑनलाइन सुविधा अभी बंद है। प्रार्थी एक प्रार्थना पत्र ब्लॉक में दें। विभागीय जांच के बाद पात्र व्यक्ति को आवास दे दिया जाएगा।