बांसी। मारपीट के मामले में तीन दोषियों को अपर सत्र न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दो वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माना से दंडित किया है। अपर सत्र न्यायाधीश बांसी मोहम्मद शफीक ने सरकार बनाम हमजद उर्फ अमजद में दोषी अभियुक्त अमजद उर्फ हमजद, अजीज, अफरोज आलम को 2 वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माना की सजा से दंडित किया है।
21 दिसंबर 2019 को वादी के घर के पूरब गड़हे की जमीन मुलजिमान पाटकर कब्जा कर लिए और रास्ते का खडंज़ा उखाड़ दिए। जिसका वादी ने विरोध किया तब मुल्जिमान अजीज, अमजद उर्फ हमजद, मुख्तार, अफरोज आलम, नुरूलहुदा, सैय्याद उर्फ सज्जाद, झिन्नन उर्फ मुस्तकीम वादी शरीफ हसन के घर पर चढ़ गए और वादी के घर में घुसकर वादी को मारने लगे। पत्नी सैकिया बचाने गई तो उसे काफी मारे पीटे। सैकिया के सिर की हड्डी टूट गई, जिसमें वादी मुकदमा शरीफ हसन ग्राम केरवनिया थाना मिश्रौलिया के प्रार्थना पत्र पर अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना उपरांत मुकदमे में नामजद सभी अभियुक्तों के विरुद्ध विवेचक ने आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय ने सरकार बनाम अमजद उर्फ हमजद दर्ज कर परीक्षण किया गया। सुनवाई बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश बांसी मोहम्मद शफीक ने अमजद उर्फ हमजद, अजीज, अफरोज आलम को मारपीट का दोषी करार कर दो वर्ष के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। परीक्षण में अभियुक्त ईबाद अहमद उर्फ राजू, सज्जाद उर्फ सैय्यद, मुख्तार, मुस्तकीम उर्फ झिन्नू, नुरुलहुदा को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया है। अभियोजन की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वर चन्द्र दुबे ने किया है।