सिद्धार्थनगर। जिला खेल कार्यालय में दो माह से अधिकारियों-कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर कार्य करने वाले नौ श्रमिकों को भी मानदेय का इंतजार है। जिला खेल कार्यालय सिद्धार्थनगर में क्रीड़ाधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री हैं, जबकि आहरण एवं वित्त का अधिकार क्रीड़ाधिकारी बस्ती संजय शर्मा के पास है। भुगतान नहीं होने जहां कर्मचारी परेशान हैं वहीं, दोनों अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
जिला खेल कार्यालय में क्रीड़ाधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री, तैराकी के जीवन रक्षक सत्य प्रकाश त्रिपाठी, लिपिक कमलेंद्र चौधरी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रेमचंद को अप्रैल व मई का वेतन नहीं मिला है। इनके अलावा दैनिक पारिश्रमिक के आधार पर कार्य करने वाले नौ कर्मचारियों को मानदेय का इंतजार है। दैनिक कर्मी लाले, राजेंद्र व राजदेव ने बताया कि उन्हें माह में 194 रुपये प्रतिदिन की दर से 26 दिन का मानदेय प्राप्त होता है। दो माह में दस हजार रुपये से अधिक का भुगतान नहीं हुआ है। उनके परिवार में दो वक्त रोटी का इंतजाम करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्वीमिंग पूल में तैराकी का अभ्यास हो रहा है, जुलाई में राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता होनी है। स्वीमिंग पूल संचालित करने के लिए ब्लीचिंग पावडर सहित अन्य सामानों को भी उधार में खरीदा जा रहा है। इन सामानों को पानी में न डाला जाए तो सफाई कम हो जाएगी।
वेतन बिल व अन्य खर्चों के भुगतान के लिए खेल कार्यालय का लिपिक बस्ती कार्यालय में गया था, लेकिन अधिकारी व्यस्त थे और हस्ताक्षर नहीं हुआ। जो लिपिक वेतन बिल लेकर गया था, उसका भी वेतन बाधित है।
- आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ाधिकारी, सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर खेल कार्यालय से वेतन बिल नहीं आया। इस कारण हस्ताक्षर नहीं हो पाया। यदि कर्मचारी आया और लौट गया तो उसे फिर आना चाहिए।
- संजय शर्मा, क्रीड़ाधिकारी, बस्ती