फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: नेपाली गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, चोरी की छह बाइकें बरामद

Tue, 23 May 2023 12:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
मोहाना पुलिस के गिरफ्त में चोरी की बाइक के साथ आरोपी। संवाद
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। एसओजी और मोहाना पुलिस की संयुक्त टीम के हाथ सोमवार को बड़ी सफलता लगी। सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके नेपाली गैंग के दो बाइक चोरों को क्षेत्र के मखडवा नाले के पास से दबोच लिया। उनके कब्जे से चोरी की छह बाइकें बरामद की गईं। पकड़े गए दोनों शातिर नेपाल के हैं और दोनों भारतीय क्षेत्र में आकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
विज्ञापन

पूछताछ करने के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसओ मोहाना जीवन त्रिपाठी ने बताया कि बाइक चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। मामले का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस टीम कार्य कर रही थी। सुराग मिला था कि बाइक चोरी करने वाला नेपाली गैंग है। इसमें नेपाल से लोग आते हैं और भारतीय क्षेत्र से बाइक चोरी करके सीमापार चले जाते हैं। सोमवार की भोर में मुखबिर से जानकारी मिली की बाइक चोरी करने वाले गैंग के दो सदस्य जिले में आए हुए हैं। वह क्षेत्र के मखडवा नाले के पास किसी से मिलने वाले हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव के साथ टीम तैयार की गई। इसके बाद बताए हुए स्थान पर पहुंच गए। कुछ देर बाद बाइक से दो लोग आते हुए दिखे। पुलिस टीम ने रोकने की कोशिश की तो भागने लगे। पकड़ने के बाद चेकिंग की गई तो पता चला कि बाइक चोरी की है। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान असलम और अनिल कहार निवासी मोतीभारी चौकी लबनी जिला कपिलवस्तु राष्ट्र नेपाल बताया। उनकी निशानदेही से पांच अन्य बाइकें बरामद की गईं जो चोरी की हैं। पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
-
पूछताछ में उगले राज
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए शातिर असलम ने बताया कि वह और अनिल कहार नेपाल से आकर सिद्धार्थनगर के अलग-अलग बाजारों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रेकी करके अपनी मास्टर चाबी लगाकर बाइक चोरी करके छिपाकर रख देते थे। जब अच्छा ग्राहक मिल जाते थे तो उसे बेच देते थे। कभी-कभी ग्राहक मिल जाने के बाद ही बाइक चोरी करते थे और बाइक उसे देकर नकदी रुपये ले लेते थे। इन रुपयों से वे अपने सभी शौक पूरे करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें