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एईएस के दो संदिग्ध मरीज मिले

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जिला अस्पताल के पीआईसीयू में मरीज देखते हुए शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र कुमार। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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एईएस के दो संदिग्ध मरीज मिले
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- जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती हैं दोनों बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) के दो संदिग्ध मरीज मिले हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में दोनों बच्चे भर्ती हैं। एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जिला अस्पताल के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) में तीन जुलाई को एईएस संदिग्ध दो बच्चे भर्ती किए थे। चार साल के पवन की तबीयत में सुधार है, जबकि ढाई साल की मांसी को चार दिन बाद भी होश नहीं आया है।
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जानकारी के अनुसार उसकी मां पहले स्थानीय झोलाछाप से इलाज कराया था, गंभीर स्थिति होने पर वह बच्चे को लेकर जिला अस्पताल आई। दोनों बच्चों के खून के सैंपल की जांच की जा रही है, जबकि एक बच्चा मई में एईएस की चपेट में आया था।
डॉक्टरों के अनुसार बारिश होने के बाद दस से 20 दिन में जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस)/ एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) के मरीज मिलने लगते हैं। इसके संक्रमण की चपेट में आने वाले बच्चों के जान का खतरा रहता है।
वर्ष 2021 में जिले में 31 बच्चे इंसेफेलाइटिस की चपेट में आए थे, जिनमें बीस बच्चों की तबीयत ठीक हो गई थी। गंभीर रूप से बीमार छह बच्चों को रेफर किया गया था, जबकि पांच की मौत हो गई थी।
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एईएस के दो संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। ऐसे मौसम में पानी को उबालकर ठंडा करके पीना चाहिए, स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को पशुओं से दूर रखना चाहिए। पशु के शरीर में त्वचा पर लगी लीख में वायरस होते हैं, जिससे बच्चे संक्रमित हो सकते हैं। बच्चा बीमार हो तो बिना समय बर्बाद किए ही डॉक्टर के पास जाना चाहिए। सरकारी अस्पताल में पूरी तरह नि:शुल्क इलाज की सुविधा है।
- डॉ. शैलेंद्र कुमार, नोडल अधिकारी पीईसीयू
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