बूढ़ी राप्ती की बाढ़ से जलमग्न गांवों में बढ़ी मुसीबत
बिस्कोहर/कठेला। बूढ़ी राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से इटवा तहसील के उत्तर व पूरब स्थित कठेला क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं। लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने तीन नावें लगाई हैं, लेकिन बाढ़ पीड़ित लोग प्रशासनिक मदद को नाकाफी बता रहे हैं।
कठेला के उत्तर सोनबरसा घाट के आसपास के गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। पिपरा, बैरिया खालसा, अमाहिया भारी, खखरा, केवटलिया डीह, चेचराफ खुर्द व भैसाही जंगल आदि में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। यहां तक कि थाना समय माता परिसर में भी बाढ़ का पानी भर गया है। कठेला-झकहिया मार्ग पर पचपेड़वा व परसा चौराहा और बेलबनवा से खखरा मार्ग पर करीब तीन से चार फीट पानी का बहाव होने से आवागमन पूरी तरीके से अवरुद्ध हो गया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों के सुमेर, राम प्रकाश, चंद्रभान, मंगरू, इरफान, सज्जाद आदि का कहना है कि गांव के चारों तरफ पानी भर जाने से घर से निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। कई लोगों के घरों में पानी घुस गया है, लोग बंधे पर व घर की छत पर गुजारा कर रहे हैं। पानी भरने से पशुओं के लिए चारे, लकड़ी, बिजली का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के कारण विद्युत निगम ने आपूर्ति बंद कर दी है। इस कारण जलमग्न हुए गांव में अंधेरा छा गया है। पीड़ितों के अनुसार राहत सामग्री की दरकार है।